चाईबासा. पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ प्रखंड के रेंगालबेड़ा में करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क पहली ही बारिश में दरकने लगी है. सड़क पर जगह-जगह दरारें पड़ने और सतह उखड़ने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इसे लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठने लगी है.



जानकारी के अनुसार सोनुआ-कुईड़ा मुख्य सड़क से रेंगालबेड़ा तक 2.55 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण 3 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से कराया गया है. सड़क निर्माण कार्य पिछले वर्ष अप्रैल में शुरू हुआ था और इसी वर्ष पूरा हुआ.
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण पूरा होने के कुछ ही समय बाद पहली बारिश में ही सड़क कई स्थानों पर दरकने और टूटने लगी. इससे निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग और गुणवत्ता की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है.
स्थानीय लोगों ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की यह स्थिति सरकारी कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है. ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
वहीं, पहली ही बारिश में सड़क क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत और जांच नहीं कराई गई तो बरसात के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो सकती है.
रिपोर्ट. जयंत प्रमाणिक





