चाईबासा/ Jayant Pramanik कोल्हान विश्वविद्यालय सभागार में सोमवार को कोल्हान प्रमंडल स्तरीय मुखिया सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री दीपिका सिंह पांडेय शामिल हुईं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद जोबा माझी उपस्थित रहीं. सम्मेलन में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली. इसमें पंचायती राज निदेशक राजश्वरी बी, विधायक सोनाराम सिंकु, उपायुक्त पश्चिम सिंहभूम चंदन कुमार, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन, उपाध्यक्ष रंजीत यादव सहित तीनों जिलों के सैकड़ों मुखिया शामिल हुए.

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पंचायतों में किए गए विकास कार्य रहे. इस दौरान तीनों जिलों से चयनित उत्कृष्ट मुखियाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. प्रत्येक जिले से तीन- तीन श्रेष्ठ मुखियाओं को उनके बेहतर कार्यों के लिए सराहा गया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका सिंह पांडेय ने कहा कि राज्य की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है और सरकार पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मेलन का उद्देश्य मुखियाओं के बीच अनुभव साझा करना और बेहतर कार्य प्रणाली विकसित करना है.
उन्होंने पेसा कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि यह ग्राम सभा को मजबूत और अधिकार संपन्न बनाता है. उन्होंने मुखियाओं से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और इस कानून के प्रावधानों को सही तरीके से लागू करें. मंत्री ने बताया कि पंचायत समिति को वित्त आयोग की राशि का 15 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा, ताकि विकास कार्यों को गति दी जा सके. साथ ही वार्ड सदस्यों को भी सशक्त बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है.

