सरायकेला: कुचाई प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय सिगीददा में सोमवार को शिक्षिका सुनीता चातर के पश्चिमी सिंहभूम जिला में स्थानांतरण होने पर विदाई सह मिलन समारोह का आयोजन किया गया. समारोह का नेतृत्व सहायक अध्यापक कुशल सिंह सोय ने किया. विद्यालय परिवार. छात्र-छात्राओं. अभिभावकों एवं स्थानीय गणमान्य लोगों ने शिक्षिका को भावभीनी विदाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की.



कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रखंड शिक्षा कार्यालय के बीपीओ मिहीर कुमार दास एवं लेखापाल कृष्ण मोहन महतो उपस्थित रहे. समारोह की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं सम्मान से हुई. विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों को शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया गया. इसके बाद शिक्षिका सुनीता चातर को अंगवस्त्र. स्मृति चिन्ह एवं उपहार भेंटकर उनके कार्यों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया.
वक्ताओं ने कहा कि सुनीता चातर ने अपने कार्यकाल के दौरान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए भी लगातार कार्य किया. उनके मार्गदर्शन में कई विद्यार्थियों ने शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की. उनका समर्पण और स्नेह हमेशा याद रखा जाएगा.
बीपीओ मिहीर कुमार दास ने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं. सुनीता चातर ने निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है. उन्होंने विश्वास जताया कि नए कार्यस्थल पर भी वह शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करती रहेंगी.
लेखापाल कृष्ण मोहन महतो ने कहा कि स्थानांतरण प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है. लेकिन अपने व्यवहार और कार्यशैली से जो पहचान बनती है. वह लंबे समय तक लोगों के दिलों में बनी रहती है. उन्होंने शिक्षिका के उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
विदाई समारोह के दौरान कई छात्र-छात्राओं ने भी अपने अनुभव साझा किए. सहायक अध्यापक कुशल सिंह सोय ने कहा कि सुनीता मैडम ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन. नैतिकता और जीवन मूल्यों का भी पाठ पढ़ाया. उनके विद्यालय छोड़ने से सभी को उनकी कमी महसूस होगी.
अपने सम्मान से भावुक शिक्षिका सुनीता चातर ने विद्यालय परिवार. विद्यार्थियों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि सिगीददा विद्यालय में बिताया गया समय उनके जीवन की अमूल्य स्मृतियों में हमेशा शामिल रहेगा और यहां के विद्यार्थियों का स्नेह वह कभी नहीं भूल पाएंगी.
कार्यक्रम का समापन शुभकामनाओं. स्मृति चित्रों एवं भावुक माहौल के बीच हुआ. इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका प्रमिला सांगा. कुशल सिंह सोय. राजेन्द्र सिंह मुंडा. देव कुमार कुम्हार. लखन सिंह मुंडा. सिदीयू हेंब्रम. बाल कृष्ण मुंडा सहित विद्यालय के शिक्षक. छात्र-छात्राएं. अभिभावक एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे.





