सरायकेला: झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सियासी और छात्र आंदोलन की तपिश तेज होती दिख रही है. जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा पर निकले छात्र नेता देवेंद्र महतो गुरुवार को सरायकेला पहुंचे. उन्होंने सिदो-कान्हू पार्क में सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और इसके बाद बिरसा चौक पहुंचकर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए.


मीडिया से बातचीत में देवेंद्र महतो ने भर्ती व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड के युवाओं को नौकरी उनका हक है और यह हक किसी पहचान, पैरवी या पैसे के दम पर नहीं छीना जा सकता. उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी पाने वाले युवाओं का चयन पूरी तरह योग्यता, हुनर, मेहनत और पारदर्शी प्रक्रिया के आधार पर होना चाहिए.
24 जिलों में पहुंचाएंगे भर्ती व्यवस्था सुधार का संदेश
देवेंद्र महतो ने कहा कि वे 24 अगस्त से 24 संकल्पों के साथ झारखंड के 24 जिलों की यात्रा पर निकले हैं. इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं और छात्रों को भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट करना है.
उन्होंने कहा कि झारखंड में नौकरी झारखंडियों को मिलनी चाहिए, लेकिन इसके लिए व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें मेहनत करने वाला छात्र जीते और पैसा, पहचान तथा पैरवी का खेल खत्म हो. उन्होंने कहा नौकरियां बिक रही थीं, तभी तो 31 लोग गिरफ्तार हुए.

देवेंद्र महतो ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ पहले भूख हड़ताल, सत्याग्रह और विधानसभा घेराव जैसे आंदोलन किए गए. उनके अनुसार आंदोलन के बाद सरकार को जांच के लिए मजबूर होना पड़ा.
उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के मामले सामने आए और 31 लोगों की गिरफ्तारी हुई. उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था में गड़बड़ी नहीं होती तो इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई की जरूरत ही नहीं पड़ती.
उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के बाद 22 परीक्षाएं रद्द हुईं, 17 परीक्षाओं की जांच शुरू हुई और 6 परीक्षाओं पर रोक लगी.
देवेंद्र महतो ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं किसी की दुकान नहीं हैं, जिन्हें पैसे और पहुंच के आधार पर खरीदा-बेचा जाए. एक परीक्षा में गड़बड़ी का सीधा असर उन हजारों युवाओं पर पड़ता है, जो वर्षों तक मेहनत और तैयारी करते हैं.
उन्होंने कहा एक छात्र कई साल अपनी जिंदगी के सबसे महत्वपूर्ण समय को पढ़ाई में लगा देता है. जब परीक्षा में धांधली होती है तो सिर्फ एक परीक्षा प्रभावित नहीं होती, बल्कि हजारों परिवारों की उम्मीदें और युवाओं के सपने प्रभावित होते हैं। इसलिए भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है.
देवेंद्र महतो ने कहा कि झारखंड में अब ऐसी व्यवस्था की जरूरत है, जहां पहचान के आधार पर नहीं, योग्यता के आधार पर नौकरी मिले; पैरवी के आधार पर नहीं, हुनर के आधार पर चयन हो और पैसे के आधार पर नहीं, मेहनत के आधार पर सफलता मिले.
उन्होंने कहा कि इसी संदेश को लेकर वे राज्य के 24 जिलों की यात्रा कर रहे हैं और युवाओं से इस अभियान में जुड़ने की अपील कर रहे हैं.
देवेंद्र महतो ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई और युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. जरूरत पड़ी तो झारखंड बंद और चक्का जाम जैसे आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा.
उन्होंने युवाओं से अपील की कि अपने भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के अधिकार के लिए इस संघर्ष में एकजुट होकर साथ दें. मौके पर उनके साथ दर्जनों समर्थक मौजूद थे.
प्रमोद सिंह (संपादक)

