सरायकेला/ Pramod Singh जिले में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा और निर्णायक कदम उठाया गया है. झारखंड शिक्षा परियोजना के तहत जिला स्तरीय “स्कूल रुआर 2026” कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में किया गया. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालयों से जोड़कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा में लाना है.

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा. उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि समन्वित रणनीति के साथ कार्य करते हुए शत- प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

बैठक में ड्रॉपआउट बच्चों की समस्या पर गंभीर मंथन किया गया और उनके विद्यालय छोड़ने के कारणों की पहचान कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. उपायुक्त ने कहा कि यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें हर स्तर पर सक्रिय भागीदारी जरूरी है.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने- अपने क्षेत्रों में जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें, ड्रॉपआउट के कारणों को समझें और तत्काल प्रभाव से समाधान करें. साथ ही जनप्रतिनिधियों, PRI सदस्यों, सेविका, सहिया, सीडीपीओ और अन्य पदाधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर हर बच्चे तक पहुंच सुनिश्चित करने को कहा गया.
उपायुक्त ने कहा कि टीमवर्क और ठोस कार्ययोजना से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है. प्रशासन की प्राथमिकता है कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे.
इस मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा सहित सभी प्रखंडों के पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मी और विद्यालयों के प्रधानाचार्य मौजूद रहे.
“स्कूल रुआर 2026” अब सरायकेला-खरसावां में शिक्षा के नए दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है.

