सरायकेला/ Pramod Singh जिले के कुचाई स्थित आम बागान में बुधवार को वरिष्ठ झारखंड आंदोलनकारी विमल हाईबुरु के निधन पर शोक सभा का आयोजन किया गया. इस दौरान उपस्थित आंदोलनकारियों और स्थानीय लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.


सभा को संबोधित करते हुए आंदोलनकारी धनपति सरदार ने गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि विमल हाईबुरु जिले के एक सशक्त और समर्पित आंदोलनकारी रहे हैं. उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है.
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीतियों और पर्याप्त सुविधाओं के अभाव के कारण कई आंदोलनकारियों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि विमल हाईबुरु को केवल सीमित पेंशन मिलती थी और उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाई.
धनपति सरदार ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि बचे हुए आंदोलनकारियों की सही पहचान कर उन्हें समुचित सरकारी लाभ और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
शोक सभा में केपी सेठ सोय, मनोज मुंदुईया, सनातन सिंह कुंटिया, रामकृष्ण मुंडारी, हरीश बानरा, राजेश मुंडारी, राजकुमार महतो सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे. सभी ने एक स्वर में दिवंगत आंदोलनकारी के संघर्ष और योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.



