जामताड़ा: जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के लोहारांगी पेट्रोल पंप के समीप टेंपो और बाइक की आमने- सामने हुई टक्कर के बाद एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है. हादसे में 25 वर्षीय मौसम शेख गंभीर रूप से घायल हो गया. स्थानीय लोगों की मदद से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणपुर पहुंचाया गया, लेकिन वहां की व्यवस्था को लेकर परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा.


बताया जाता है कि प्राथमिक उपचार के बाद घायल मौसम शेख को बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया गया. आरोप है कि रेफर किए जाने के बावजूद अस्पताल में समय पर 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई. इससे परिजनों की परेशानी और बढ़ गई.
ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में आपातकालीन स्थिति के दौरान ड्यूटी पर डॉक्टर भी मौजूद नहीं थे. सड़क दुर्घटना जैसे गंभीर मामले में डॉक्टर और एंबुलेंस दोनों की अनुपलब्धता ने लोगों को आक्रोशित कर दिया. परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलतीं तो घायल को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सकती थी.
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि परिजनों को मजबूर होकर निजी वाहन की व्यवस्था कर घायल युवक को धनबाद ले जाना पड़ा. इस दौरान अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही. ग्रामीणों और परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए.
लोगों ने मांग की कि पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में एंबुलेंस सेवा और चिकित्सकीय व्यवस्था क्यों उपलब्ध नहीं हो सकी. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी की गई.
हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर मामला शांत कराया. हालांकि इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब दुर्घटना के बाद अस्पताल में न डॉक्टर मिलें और न एंबुलेंस, तो आम जनता का सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था से भरोसा उठना स्वाभाविक है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

