रांची: झारखंड की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर में राज्य के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आखिरकार लगभग दो वर्षों बाद जेल से रिहाई मिल गई. गुरुवार को जेल से बाहर आते ही उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला.


इस पूरे घटनाक्रम की खास बात यह रही कि उनकी पत्नी निशात आलम ने जमानतदार की भूमिका निभाई. सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद आलमगीर आलम जेल से बाहर आए, जहां समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.
गौरतलब है कि आलमगीर आलम लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे थे. सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद उनकी रिहाई को राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है. राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति पर इसके असर की संभावना जताई जा रही है.
जेल से बाहर आने के बाद आलमगीर आलम ने समर्थकों का अभिवादन करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था. उन्होंने कहा कि सत्य की जीत हुई है. अब सभी की नजरें उनके अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हुई हैं.

