
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ प्रखंड की गोलमुंडा पंचायत अंतर्गत निश्चिंतपुर गांव में चापाकलों से लाल रंग का गंदा पानी निकलने और वर्षों से जर्जर सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. मंगलवार को ग्रामीणों ने खाली बर्तन चमकाकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया और जल्द समाधान की मांग की.


ग्रामीणों का कहना है कि गांव के सरकारी और निजी चापाकलों से वर्षों से लाल रंग का दूषित पानी निकल रहा है, जो पीने योग्य नहीं है. इससे गांव में स्वच्छ पेयजल का गंभीर संकट बना हुआ है. वहीं, गांव की सड़कें भी पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं. बरसात में सड़कें कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है.

ग्रामीणों का आरोप है कि सांसद, विधायक और स्थानीय प्रशासन से कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. समस्या से परेशान ग्रामीण अब आंदोलन की तैयारी में हैं.
गांव में आयोजित बैठक में आंदोलनकारी नेता अमित महतो और वार्ड सदस्य द्रौपदी महतो की मौजूदगी में निर्णय लिया गया कि पूरे गांव से हस्ताक्षर अभियान चलाकर पेयजल एवं सड़क निर्माण विभाग के अधिकारियों को मांग पत्र सौंपा जाएगा. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रखंड कार्यालय का अनिश्चितकालीन घेराव किया जाएगा.
रिपोर्ट: जयंत प्रमाणिक





