
जामताड़ा: जिले के करमाटांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत चरकी पहाड़ी गांव में बुधवार को आपसी विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया. दो पक्षों के बीच हुई हिंसक मारपीट में बीच-बचाव करने गई एक महिला की गंभीर चोट लगने से मौत हो गई. जबकि परिवार के दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है. एहतियात के तौर पर गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.


मृतका की पहचान सुमित्रा देवी के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार किसी बात को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी हुई. जो देखते-देखते हिंसक झड़प में बदल गई. आरोप है कि इस दौरान लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया गया.
बताया गया कि सुमित्रा देवी खेत की ओर चाय लेकर जा रही थीं. तभी दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई. विवाद शांत कराने के प्रयास में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी. परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे. लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई. घटना में परिवार के दो युवक भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. जिनका इलाज जारी है.
मृतका के परिजनों ने रामू पोद्दार, गेंदो पोद्दार, दिनेश पोद्दार, गुलटन पोद्दार, बजरंग पोद्दार, पूजा देवी, बेबी देवी, संतोषी देवी और उषा देवी समेत अन्य लोगों पर मारपीट में शामिल होने का आरोप लगाया है.
घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ वासिम रजा और करमाटांड़ थाना प्रभारी अलखनाथ चौबे पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बजरंग पोद्दार, पूजा देवी और उषा देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. वहीं अन्य आरोपितों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
एसडीपीओ वासिम रजा ने बताया कि मृतका के परिजनों की ओर से अभी तक लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है. आवेदन मिलने के बाद जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपितों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है. प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे विवादों को समय रहते आपसी संवाद और पंचायत स्तर पर सुलझाने की पहल होनी चाहिए. साथ ही किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित और कानूनी उपाय है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





