सरायकेला: रथ मेला की चहल- पहल के बीच बुधवार रात करीब 8:30 बजे सरायकेला थाना क्षेत्र में हुई दो अलग- अलग सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोग घायल हो गए. इनमें दो की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर कर दिया. दोनों हादसों के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपने गश्ती वाहन से घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया.



घायलों की पहचान ईटाकुदर निवासी रौशन पूर्ति (18 वर्ष), सिजुडीह निवासी दीपक देवगम (18 वर्ष) और जगतपुर निवासी सूरज सिंह बानरा (35 वर्ष) के रूप में हुई है. प्राथमिक उपचार के बाद रौशन पूर्ति और सूरज सिंह बानरा को एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया, जबकि दीपक देवगम का इलाज सरायकेला सदर अस्पताल में चल रहा है.
अज्ञात ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर
पहली दुर्घटना सरायकेला- राजनगर मुख्य मार्ग पर तितिरबिला पुलिया के पास हुई. जानकारी के अनुसार रौशन पूर्ति अपने मित्र दीपक देवगम के साथ रथ मेला देखकर बाइक से घर लौट रहे थे. इसी दौरान विपरीत दिशा से तेज रफ्तार में आ रहे एक अज्ञात ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी. हादसे में रौशन पूर्ति के बाएं पैर की हड्डी टूट गई, जबकि दीपक देवगम के हाथ और पैर में चोटें आईं. दुर्घटना के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया.
तेज रफ्तार कार की टक्कर से कंपनी कर्मी गंभीर
दूसरी दुर्घटना सरायकेला- खरसावां मुख्य मार्ग पर मुक्ति पोखर के समीप हुई. जगतपुर निवासी सूरज सिंह बानरा ड्यूटी समाप्त कर बाइक से घर लौट रहे थे. इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार अज्ञात कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी. हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया. गंभीर रूप से घायल सूरज सिंह बानरा को प्राथमिक उपचार के बाद एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया.
फरार वाहनों की तलाश में जुटी पुलिस
दोनों घटनाओं की सूचना मिलते ही सरायकेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया. पुलिस फरार ट्रक और कार की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है.
गड्ढों और तेज रफ्तार पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरायकेला-राजनगर और सरायकेला-खरसावां मुख्य मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं. रात के समय इन गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है. लोगों ने प्रशासन से सड़कों की तत्काल मरम्मत, गड्ढों को भरने और तेज रफ्तार वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
प्रमोद सिंह (संपादक)





