चाईबासा: सोनुआ प्रखंड कार्यालय सभागार में शनिवार को प्रखंड स्तरीय खरीफ कर्मशाला सह केसीसी मेगा शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक जगत माझी शामिल हुए. उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया और किसानों को कृषि, पशुपालन तथा सरकारी योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया.

किसानों और कृषक मित्रों को संबोधित करते हुए विधायक जगत माझी ने कहा कि दूसरे प्रदेशों में जाकर 12 घंटे की कठिन मजदूरी करने से बेहतर है कि लोग अपने खेतों में मेहनत करें. उन्होंने कहा कि यदि किसान आधुनिक कृषि तकनीकों और पशुपालन को गंभीरता से अपनाएं तो उन्हें रोजगार की तलाश में पलायन नहीं करना पड़ेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि गांव और खेती ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है.
विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंड की किसी एक पंचायत को चिन्हित कर कृषि क्षेत्र में मॉडल पंचायत के रूप में विकसित किया जाए. उन्होंने कहा कि यदि एक पंचायत में बेहतर कृषि मॉडल तैयार होगा तो अन्य पंचायतों के किसान भी उससे प्रेरणा लेकर अपनी आय बढ़ा सकेंगे.
कम बारिश की आशंका पर किसानों को दी सलाह
इस वर्ष कम वर्षा की संभावना को देखते हुए विधायक ने किसानों को समय रहते तैयारी करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि किसानों को ऐसी फसलों और कृषि तकनीकों को अपनाना चाहिए जिनमें कम पानी की आवश्यकता हो और बेहतर उत्पादन मिल सके. उन्होंने ‘कम पानी, अधिक पैदावार’ के सिद्धांत पर काम करने का आह्वान किया.
विधायक ने पशुधन विकास योजना की भी समीक्षा की और कहा कि वह जल्द ही जमीनी स्तर पर लाभार्थियों से मुलाकात कर योजना के क्रियान्वयन और उसके लाभों का आकलन करेंगे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है और किसानों को इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए.
धान खरीद भुगतान में देरी पर जताई नाराजगी
कर्मशाला के दौरान कुछ किसानों ने गोलमुंडा लैम्पस में धान बेचने के बाद भी भुगतान नहीं मिलने की शिकायत विधायक के समक्ष रखी. इस पर विधायक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए किसानों को लिखित शिकायत देने की सलाह दी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भुगतान में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विधायक जगत माझी के हाथों कृषि उपकरणों और उन्नत बीजों का वितरण भी किया गया. इससे पहले प्रभारी कृषि पदाधिकारी आर्थभंजन प्रधान ने स्वागत भाषण देते हुए किसानों को मानसून से पहले खेतों की मेड़बंदी, डोभा एवं तालाबों की मरम्मत तथा जल संरक्षण के उपायों पर ध्यान देने की सलाह दी.
कार्यक्रम में उप प्रमुख अर्चना महतो, प्रदान संस्था के मनीष कुमार, मानकी मदन मोहन सुंडी, मुखिया जोसेफ मुर्मू, रासमनी माझी, सुप्रिया बोदरा, कृषक मित्र रामप्रेस महतो समेत बड़ी संख्या में किसान और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे.



