
सरायकेला: नगर क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान माने जाने वाले श्री जगन्नाथ रथ मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं. रविवार को मौसीबाड़ी परिसर में आयोजित श्री जगन्नाथ रथ मेला समिति की बैठक में सर्वसम्मति से मनोज कुमार चौधरी को लगातार 19वीं बार समिति का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया. बैठक में मेले के सफल आयोजन को लेकर व्यापक चर्चा की गई और समिति का पुनर्गठन भी किया गया.


लगातार 19वीं बार अध्यक्ष चुने जाने पर मनोज कुमार चौधरी ने समिति के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह विश्वास वर्षों से मिले सहयोग और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस वर्ष भी श्रद्धालुओं को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रथ मेले का अनुभव मिलेगा.
बैठक में गोविंद साहू और भोला महंती को उपाध्यक्ष, छोटेलाल साहू को सचिव, रूपेश साहू को संस्कृति सचिव तथा सुशांत महापात्र को वेश सज्जाकार की जिम्मेदारी सौंपी गई. समिति ने निर्णय लिया कि 17 जुलाई से 15 दिवसीय ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथ मेले का शुभारंभ होगा. वहीं 21 जुलाई को तारणी व्रत के अवसर पर हजारों महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए पूजा-अर्चना करेंगी. धार्मिक गरिमा बनाए रखने के लिए मेले के मुख्य मार्ग पर मांस और अंडे की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा.
इस वर्ष मेले में बिजली झूला, नौका झूला, ब्रेक डांस, मिक्की माउस, जलपरी शो, मीना बाजार, बच्चों के मनोरंजन के साधन, विभिन्न व्यंजनों के स्टॉल, खाजा-लड्डू की दुकानें तथा घरेलू और सजावटी सामानों की सैकड़ों दुकानें आकर्षण का केंद्र होंगी. देवसभा में भगवान श्रीकृष्ण के विश्वरूप, अनंत शैया और समुद्र मंथन की भव्य झांकियां भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगी.
मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि श्री जगन्नाथ रथ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सरायकेला की संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है. उन्होंने समिति के सदस्यों, स्वयंसेवकों, व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और जिला प्रशासन से सहयोग की अपील करते हुए विश्वास जताया कि इस वर्ष का मेला भी शांतिपूर्ण, सुरक्षित और ऐतिहासिक रूप से सफल होगा.
प्रमोद सिंह
संपादक






