सरायकेला: खरीफ के बाद अब सरायकेला-खरसावां जिले में रबी खेती की तैयारी तेज हो गई है. किसानों की आय बढ़ाने, दलहन-तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने और खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में इस बार जिले में कुल 2180 हेक्टेयर भूमि पर रबी फसलों की खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके तहत सरसों, मसूर, चना और गेहूं की खेती को अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से बढ़ावा दिया जाएगा. किसानों को सरकारी योजनाओं के तहत 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं. जिला कृषि विभाग ने किसानों से समय पर बीज प्राप्त कर खेती की तैयारी शुरू करने की अपील की है.


जिला कृषि विभाग की ओर से इस बार रबी फसल के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
1. सरसों की खेती
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन तिलहन योजना निर्धारित क्षेत्रफल: 380 हेक्टेयर
तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देना.
2. मसूर और चना की खेती
आत्मनिर्भर दलहन योजना
निर्धारित क्षेत्रफल: 1500 हेक्टेयर उद्देश्य: दलहन उत्पादन बढ़ाकर आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना.
3. गेहूं की खेती
योजना: बिरसा फसल विस्तार योजना
निर्धारित क्षेत्रफल: 300 हेक्टेयर उद्देश्य: गेहूं की खेती का विस्तार करना.
जिला कृषि पदाधिकारी अमित सुमन बेक ने जानकारी देते हुए बताया कि सरसों, दलहन और गेहूं के बीज किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. बीज का वितरण लैम्प्स, पैक्स और निजी बीज विक्रेताओं के माध्यम से किया जा रहा है. विभाग की ओर से सभी संबंधित वितरण केंद्रों और दुकानदारों को बीज उपलब्ध करा दिए गए हैं, ताकि किसान आसानी से बीज प्राप्त कर सकें.
जिला कृषि पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसानों को सरकारी योजना के तहत निर्धारित 50 प्रतिशत अनुदान पर ही बीज उपलब्ध कराए जाने हैं. यदि कोई निजी बीज विक्रेता निर्धारित अनुदान पर बीज उपलब्ध नहीं कराता है, तो किसान इसकी शिकायत जिला कृषि कार्यालय में कर सकते हैं.
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने नजदीकी लैम्प्स, पैक्स अथवा निजी बीज वितरण केंद्र से बीज प्राप्त करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता होने पर कृषि विभाग को इसकी जानकारी दें.
जिला कृषि पदाधिकारी अमित सुमन बेक ने कहा, इस बार जिले में 2180 हेक्टेयर भूमि पर रबी फसल की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. किसानों को सरसों, मसूर, चना और गेहूं के बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. सभी लैम्प्स, पैक्स और निजी बीज विक्रेताओं को बीज उपलब्ध करा दिए गए हैं. किसान अपने नजदीकी वितरण केंद्र से बीज प्राप्त कर सकते हैं. यदि कोई निजी बीज विक्रेता निर्धारित अनुदान पर बीज उपलब्ध नहीं कराता है, तो किसान इसकी शिकायत जिला कृषि कार्यालय में करें. विभाग किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है.
प्रमोद सिंह (संपादक)

