सरायकेला: गम्हरिया थाना परिसर में वायरलेस ऑपरेटर पर महिला के साथ दुष्कर्म के आरोप के बाद सरायकेला- खरसावां पुलिस महकमा महिला सुरक्षा को लेकर सतर्क नजर आ रहा है. एसपी मनोज स्वर्गियारी के निर्देश पर जिले के थानों में अब पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को महिलाओं से व्यवहार, पूछताछ, हिरासत और गिरफ्तारी से जुड़ी कानूनी प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है.


इसी क्रम में गुरुवार को सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार ने थाना में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी शिकायत अथवा परेशानी को लेकर थाना पहुंचने वाली महिला की बात गंभीरता से सुनी जाए और उसके साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए.
पूछताछ में निजता और गरिमा का रखना होगा ख्याल
थाना प्रभारी ने बताया कि महिला से पूछताछ के दौरान उसकी निजता, गरिमा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए. अपमानजनक भाषा, धमकी अथवा अनावश्यक दबाव से बचने के साथ संवेदनशील मामलों में महिला की पहचान और निजी जानकारी की गोपनीयता भी सुनिश्चित की जाए.
पुलिसकर्मियों को महिला को थाना लाने, पूछताछ, तलाशी, हिरासत और गिरफ्तारी के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने की जानकारी दी गई. गिरफ्तारी के दौरान उसके अधिकारों और महिला पुलिसकर्मी की भूमिका से जुड़े प्रावधानों पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई.
गम्हरिया की घटना से सबक, अब जवाबदेही पर जोर
थाना प्रभारी विनय कुमार ने कहा कि महिला सुरक्षा पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है. थाने पहुंचने वाली प्रत्येक महिला को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जहां वह बिना भय अपनी शिकायत रख सके और उसे कानून के अनुरूप सहायता मिले.
गम्हरिया प्रकरण के बाद एसपी मनोज स्वर्गियारी पहले ही महिला सुरक्षा को लेकर जिले के थानों के लिए दिशा-निर्देश जारी कर चुके हैं. अब थाना स्तर पर पुलिसकर्मियों को उन निर्देशों और कानूनी प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है.
गम्हरिया की घटना ने थानों में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. ऐसे में प्रशिक्षण और निर्देशों की इस कवायद की वास्तविक कसौटी यही होगी कि थाने की चौखट पर पहुंचने वाली महिला खुद को व्यवहार में कितना सुरक्षित और सम्मानित महसूस करती है.
प्रमोद सिंह (संपादक)

