सरायकेला: नगर क्षेत्र में बदहाल बिजली व्यवस्था को लेकर अब जनप्रतिनिधियों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है. नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने जेबीवीएनएल जमशेदपुर के महाप्रबंधक को शिकायत पत्र भेजते हुए विभागीय लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

शिकायत पत्र में उन्होंने कहा है कि सरायकेला- खरसावां जिले की विद्युत वितरण व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है और जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ रहे हैं. खासतौर पर जूनियर इंजीनियर पर आरोप लगाया गया है कि वे न तो जनता का फोन उठाते हैं और न ही समस्याओं के समाधान में रुचि दिखाते हैं.
अध्यक्ष ने बताया कि शहरी विद्युत सुंदरीकरण और इंसुलेटेड वायर जैसी योजनाओं पर सरकार का सहयोग मिलने के बावजूद छोटी- छोटी तकनीकी खराबियों के कारण शहर की बिजली घंटों बाधित रहती है. बीती रात से शहर अंधेरे में डूबा रहा, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ.
बिजली गुल रहने से जलापूर्ति ठप हो गई, वहीं व्यापार, शिक्षा और घरेलू कार्यों पर भी असर पड़ा है. जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, जिसका सामना जनप्रतिनिधियों को करना पड़ रहा है. मनोज चौधरी ने यह भी बताया कि करीब 30 दिन पहले ही उन्होंने 10 बिंदुओं पर सुधार के लिए कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंताओं को अवगत कराया था, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
अपने पत्र में उन्होंने लापरवाह अधिकारियों और कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, जो सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं. अब देखना होगा कि जेबीवीएनएल प्रबंधन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है और कब तक सरायकेला की बिजली व्यवस्था पटरी पर लौटती है.

