बोकारो: झारखंड आंदोलनकारी एवं विस्थापित नेता राजू दुबे ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) छोड़कर भाकपा माले का दामन थाम लिया. अपने समर्थकों के साथ उन्होंने बोकारो के सेक्टर-8बी स्थित कार्यालय परिसर के समीप आयोजित एक मिलन समारोह में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. इस मौके पर निरसा से भाकपा माले विधायक अरूप चटर्जी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.


राजू दुबे के पार्टी में शामिल होने को बोकारो की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है. लंबे समय से विस्थापितों, युवाओं और स्थानीय मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे राजू दुबे ने अपने राजनीतिक सफर में विभिन्न दलों के साथ काम किया है. हालांकि उन्होंने कहा कि विस्थापितों और नौजवानों की आवाज को सबसे मजबूती से भाकपा माले ने ही उठाया है.
पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद राजू दुबे ने कहा कि वे झारखंड आंदोलन से जुड़े रहे हैं और कांग्रेस से लेकर भाजपा तक विभिन्न राजनीतिक दलों में अपनी भूमिका निभा चुके हैं. लेकिन बोकारो के विस्थापितों, बेरोजगार युवाओं और आम लोगों की समस्याओं को जिस मजबूती के साथ भाकपा माले ने विधानसभा और सड़क दोनों जगह उठाया है, उससे प्रभावित होकर उन्होंने पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया.
उन्होंने कहा कि बोकारो सहित पूरे झारखंड में विस्थापन, रोजगार और स्थानीय अधिकारों के मुद्दे आज भी गंभीर बने हुए हैं. इन सवालों को और मजबूती से उठाने तथा संघर्ष को धार देने के उद्देश्य से उन्होंने भाकपा माले का साथ चुना है.
इस अवसर पर विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि राजनीति में बड़े बदलाव छोटे-छोटे कदमों से ही शुरू होते हैं. राजू दुबे जैसे जनसंघर्ष से जुड़े नेता के पार्टी में आने से भाकपा माले को निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी. उन्होंने कहा कि बोकारो के शहरी और विस्थापित क्षेत्रों में पार्टी का जनाधार और मजबूत होगा.
अरूप चटर्जी ने आरोप लगाया कि वर्षों से विस्थापितों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जाता रहा है, लेकिन भाकपा माले हमेशा उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है. उन्होंने विश्वास जताया कि राजू दुबे अपने अनुभव और जनसंपर्क के बल पर विस्थापितों तथा युवाओं की समस्याओं को और प्रभावी ढंग से उठाने का काम करेंगे.
मिलन समारोह में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान भाकपा माले के पक्ष में नारेबाजी भी की गई और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राजू दुबे के भाकपा माले में शामिल होने से बोकारो के विस्थापित इलाकों की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है. आने वाले समय में इसका असर स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों और जनआंदोलनों पर भी देखने को मिल सकता है.
रिपोर्ट: शुभम मिश्रा



