सरायकेला: 80वें स्वाधीनता दिवस का मुख्य समारोह सरायकेला स्थित भगवान बिरसा मुंडा स्टेडियम में आयोजित किया गया. उपायुक्त नितीश कुमार सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली. पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने उपायुक्त की अगवानी की. इसके बाद उपायुक्त ने परेड का निरीक्षण किया.


समारोह के दौरान राष्ट्रगीत वंदेमातरम का सामूहिक गायन हुआ, जिसके बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया. राष्ट्रगान के बाद उपायुक्त नितीश कुमार सिंह ने भगवान बिरसा मुंडा स्टेडियम से जिलेवासियों को संबोधित किया और स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं.

उपायुक्त ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों और राष्ट्रनायकों को नमन करते हुए कहा कि उनके त्याग और बलिदान के कारण आज देशवासी स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं. उन्होंने सरायकेला-खरसावां की धरती को क्रांति और संस्कृति की भूमि बताते हुए भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव और अमर शहीद पोटो हो के योगदान को याद किया.
उन्होंने कहा कि खरसावां का इतिहास अपनी माटी, अधिकार और स्वाभिमान के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है. वहीं सरायकेला की विश्वप्रसिद्ध छऊ नृत्य शैली को जिले की सांस्कृतिक पहचान बताते हुए कहा कि जिला प्रशासन छऊ कला और कलाकारों के संरक्षण तथा उसे वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने पारंपरिक मुखौटा शिल्पकार गुरु सुशांत महापात्र को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिलने को जिले के लिए गौरव बताया.

उपायुक्त ने कहा कि वर्ष 2026 में जिला प्रशासन सरायकेला-खरसावां को विकास और सशक्तिकरण की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. उन्होंने सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, बिरसा हरित ग्राम योजना समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की बात कही.
महिला, बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा
उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत जिले की 1,55,081 महिलाओं को अगस्त 2026 तक 2,500 रुपये प्रतिमाह की दर से राशि का भुगतान किया जा चुका है. सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत 1,01,278 पेंशनधारियों तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजना के 46,067 लाभुकों को पेंशन का भुगतान किया गया है.

पूरक पोषाहार योजना के तहत 36,033 बच्चों को ताजा पोषाहार तथा 33,001 बच्चों, 5,420 गर्भवती महिलाओं और 3,156 धात्री माताओं को टेक होम राशन का लाभ दिया गया है. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 3,470 लाभुकों को 1.20 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 101 लाभुकों को 30.31 लाख रुपये का भुगतान किया गया है.
ग्रामीण विकास और आजीविका
अबुआ आवास योजना के तहत 10,057 लाभुकों को आवास उपलब्ध कराया गया है. प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत अब तक 57,479 और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना के तहत 1,744 आवास पूर्ण किए गए हैं. जेएसएलपीएस के माध्यम से जिले में 10,644 सखी मंडलों का गठन किया गया है, जिनसे 1,14,923 परिवार जुड़े हैं. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 21,646 महिलाओं को लखपति दीदी के रूप में विकसित किया गया है.
शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर
शिक्षा के क्षेत्र में कक्षा एक से 12वीं तक के 1,34,515 विद्यार्थियों को निशुल्क पुस्तक उपलब्ध कराई गई है. 196 विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा और स्मार्ट कक्षा की सुविधा दी गई है. वहीं 25 उच्च विद्यालयों में डिजिटल स्टूडियो के माध्यम से विषयवार ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं. प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत प्रारंभिक विद्यालयों के 1,00,512 विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत 111 मरीजों के इलाज के लिए 3.72 करोड़ रुपये की चिकित्सा अनुदान राशि स्वीकृत की गई.
छात्रवृत्ति और जनजातीय विकास
प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत कुल 75,723 विद्यार्थियों को 30.53 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में 7,736 विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध कराई गई है. पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत चिन्हित 496 जनजातीय गांवों में विभिन्न विभागों के समन्वय से योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है.
खाद्य सुरक्षा और आपदा राहत
सोना सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना के तहत 1,87,504 परिवारों को धोती, साड़ी और लुंगी वितरित की गई है. झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 56,389 लाभुक परिवारों को पांच किलोग्राम चावल निःशुल्क दिया जा रहा है. प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 60 लाभुकों को 32.76 लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि का भुगतान किया गया है.
मत्स्य, कृषि और स्वरोजगार
जिले में 26,500 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन की उपलब्धि दर्ज की गई है. चांडिल जलाशय में 1,642 केजों में मत्स्य पालन किया जा रहा है. बैंकों द्वारा 3,537 लाभुकों को किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 28.34 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है. वहीं मुद्रा योजना के तहत 15,840 युवक-युवतियों को स्वरोजगार के लिए 174.93 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है. कृषि विभाग की योजनाओं के तहत किसानों को धान बीज और अन्य कृषि सामग्री अनुदान पर उपलब्ध कराई गई है. किसान समृद्धि योजना के तहत 131 किसानों को 2 एचपी के सौर पंप सेट वितरित किए गए हैं.
पेयजल और स्वच्छता
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले में 1,92,014 शौचालयों का निर्माण कराया गया है तथा 1,088 गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किया गया है. जल जीवन मिशन के तहत 393 गांवों को हर घर जल से आच्छादित घोषित किया गया है.
शहरी विकास
आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में 4.50 करोड़ रुपये की लागत से छह तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत काशीडीह में 60 किफायती आवास गृह प्रवेश के लिए तैयार हैं. सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र में 32 योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 650 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 614 आवास पूर्ण हो चुके हैं.
अपराध नियंत्रण में पुलिस की उपलब्धियां
पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी के मार्गदर्शन में जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया. उपायुक्त ने बताया कि विभिन्न अपराधों में कुल 516 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है, जिनमें चार नक्सली और चार साइबर अपराधी शामिल हैं. पुलिस ने तीन लूट कांडों और हत्या से संबंधित 12 मामलों का उद्भेदन किया है. पुलिस के अनुसार 37 आग्नेयास्त्र बरामद किए गए हैं तथा चोरी हुए 112 दोपहिया, चारपहिया वाहन और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई में 5,328 लीटर देशी एवं अंग्रेजी शराब, 370.44 ग्राम ब्राउन शुगर, 381.53 ग्राम गांजा तथा 384 किलोग्राम अफीम और डोडा बरामद किया गया है. इस मामले में 35 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है. नक्सल विरोधी अभियान में भी पुलिस को उपलब्धियां मिली हैं. उपायुक्त ने रवि सिंह सरदार, मदन महतो, मीना पहाड़िया और अनिता तामसोय जैसे नक्सलियों की गिरफ्तारी तथा कुचाई के सिकरम्बा और चांडिल क्षेत्र के दलमा जंगल से हथियार, गोलियां और विस्फोटक बरामद किए जाने का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि सरायकेला-खरसावां में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है.
अधिकार के साथ कर्तव्य भी जरूरी
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में उपायुक्त ने कहा कि आजादी केवल अधिकारों का नाम नहीं है, बल्कि इसके साथ नागरिकों के कर्तव्य और सामाजिक जिम्मेदारियां भी जुड़ी हैं. उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करे, तो भारत को एक संपन्न और विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है. उन्होंने जिले में भयमुक्त वातावरण तैयार करने और विकास की मुख्यधारा में अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को जोड़ने का संकल्प दोहराया. अंत में उपायुक्त ने जिलेवासियों को 80वें स्वाधीनता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी मिलकर समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित सरायकेला- खरसावां के निर्माण में सहभागी बनें. स्वाधीनता दिवस समारोह का समापन राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ. समारोह में सरायकेला अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनुभव भारद्वाज को नक्सल विरोधी अभियान में सफलता के लिए सम्मानित किया गया, इसके अलावा आईटी सेल प्रभारी दानिश इक़बाल को भी सम्मानित किया गया. वहीं अन्य विभागों में उत्कृष्ट कार्य के लिए कर्मियों को उपायुक्त व एसपी के हाथों सम्मानित किया गया. मुख्य रूप से सरायकेला नगर पंचायत के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी सहित तमाम पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.


































































