जमशेदपुर: मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में जमशेदपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने मामले में मोहन यादव और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है. दोनों पर वारदात में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने का आरोप है. वहीं घटना में शामिल एक अन्य आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में छापेमारी जारी है.


गौरतलब है कि 26 सितंबर की दोपहर करीब 1.30 बजे बिंदल मॉल स्थित उडुपी रेस्टोरेंट में बाइक सवार तीन हमलावर पहुंचे थे. इनमें से दो रेस्टोरेंट के अंदर घुसे और ताबड़तोड़ फायरिंग की, जबकि तीसरा बाहर बाइक के पास मौजूद था. वारदात में करीब 11 से 12 राउंड गोलियां चलने की बात सामने आई थी. फायरिंग में डोमनिक सैमसन, रिजवान, दिलशाद और कृष्णा चौधरी घायल हुए थे. घायलों को इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में भर्ती कराया गया था.
चार कथित साजिशकर्ता पहले ही गिरफ्तार
इससे पहले पुलिस ने फायरिंग की कथित साजिश से जुड़े टीटू शर्मा, मनोज सरकार, शंकर मुंडा और दीपू ओझा को छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया था. चारों को जमशेदपुर लाकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस की जांच में इन चारों की भूमिका सीधे रेस्टोरेंट में घुसकर गोली चलाने वालों के बजाय कथित साजिश से जुड़ी बताई गई है. घटना के बाद एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब के निर्देशन में एसआईटी गठित की गई थी. टीम सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और आरोपियों के संपर्कों के आधार पर लगातार छापेमारी कर रही थी.
अजीत मंडल और मोहन यादव का नाम आया था सामने
मामले में पहले अजीत मंडल और मोहन यादव समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी. पुलिस मुख्य शूटरों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी. अब मोहन यादव और उसके एक साथी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है. पुलिस फायरिंग के पीछे पुरानी रंजिश, वर्चस्व, जमीन कारोबार और रेलवे ठेकेदारी से जुड़े विवाद समेत विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है. हालांकि वारदात की वास्तविक वजह को लेकर पुलिस की विस्तृत जांच अभी जारी है.
अब पुलिस की नजर फरार आरोपी की गिरफ्तारी और वारदात में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी पर है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है.

