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रांची: ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राज्यवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं, रोजगार और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया.
भर्ती परीक्षाओं पर उठ रहे सवालों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था पर संदेह केवल एक परीक्षा को प्रभावित नहीं करता, बल्कि पूरी पीढ़ी के विश्वास को चोट पहुंचाता है. युवाओं की मेहनत किसी माफिया, भ्रष्ट तंत्र या अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ी जाएगी. उन्होंने दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई का भरोसा दिया, साथ ही कहा कि बिना प्रमाण किसी को दोषी ठहराना सरकार की नीति नहीं होगी.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर, पारदर्शी और तकनीक-सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था, उत्तर-कुंजी एवं ओएमआर की समयबद्ध उपलब्धता तथा परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है. विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षा विशेषज्ञों और अभिभावकों को जोड़कर ‘छात्रों की बात—छात्रों के साथ’ अभियान भी शुरू किया गया है.
*रोजगार को लेकर सरकार का फोकस*
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है. सरकार का लक्ष्य केवल सरकारी पदों को भरना नहीं, बल्कि उद्योग, एमएसएमई, कृषि, डेयरी, मत्स्य, पर्यटन, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर तैयार करना है.
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जेपीएससी, जेएसएससी और अन्य भर्ती एजेंसियों के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा. मुख्यमंत्री के संबोधन में युवाओं का भरोसा बहाल करने और रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर विशेष जोर रहा.