लोहरदगा: परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को लेकर न्यायालय के आदेश पर लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि न्यायालय का प्रत्येक आदेश सर्वमान्य है और सभी को उसका सम्मान करना चाहिए. न्यायालय ने जिन तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आदेश दिया है, वह स्वीकार्य है. साथ ही, परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जांच जारी रहनी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए.


सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि यदि परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ियां हुई हैं या किसी वर्ग विशेष द्वारा जानबूझकर अनियमितताएं करने का प्रयास किया गया है, तो ऐसे लोग निश्चित रूप से दंड के भागी हैं. उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में उन छात्रों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए, जिन्होंने ईमानदारी और कड़ी मेहनत के दम पर परीक्षा दी है.
उन्होंने कहा कि यह ध्यान रखना जरूरी है कि कुछ छात्र पूरी ईमानदारी के साथ मेहनत करके परीक्षा में शामिल हुए हैं. ऐसे सभी छात्रों को एक ही नजर से देखना उचित नहीं होगा. जौ के साथ घुन नहीं पीसा जाना चाहिए. जो दोषी हैं, कार्रवाई उन्हीं के खिलाफ होनी चाहिए, न कि ईमानदार और मेहनती छात्रों को भी उसका खामियाजा भुगतना पड़े.
सांसद ने कहा कि सरकार और जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि पूरे मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ जांच करें. जांच में वास्तविक दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो.
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है. इससे न केवल छात्रों का विश्वास कायम रहेगा, बल्कि मेहनत और योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने वाले युवाओं का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा.

