सरायकेला: धनतेरस के अवसर पर सरायकेला के बाजारों में इस बार धन की जमकर बारिश हुई. सुबह से देर शाम तक बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ती रही. शुभ मुहूर्त में खरीदारी को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला. दोपहिया वाहनों के शोरूम से लेकर सराफा, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक और मोबाइल दुकानों तक ग्राहकों की जबरदस्त चहल-पहल रही. दीपावली के स्वागत में बाजारों की चमक और ग्राहकों के उत्साह ने व्यापारियों के चेहरे खिला दिए.


दोपहिया वाहनों की खरीदारी ने मचाई धूम
धनतेरस पर सरायकेला के वाहन बाजार में सबसे अधिक रौनक देखने को मिली. खासकर दोपहिया वाहनों की खरीदारी ने इस बार पिछले रिकॉर्ड को चुनौती दी.
श्रीराम होंडा के मालिक आशीष अग्रवाल ने बताया कि धनतेरस के अवसर पर उनके प्रतिष्ठान से 330 मोटरसाइकिल और स्कूटी की बिक्री हुई. वहीं मित्तल मोटर के मालिक जितेंद्र अग्रवाल के अनुसार, उनके यहां 250 हीरो वाहनों की बिक्री हुई. एसजी टीवीएस के मालिक उग्रनाथ तिवारी ने बताया कि उनके प्रतिष्ठान से 200 बाइक और स्कूटी ग्राहकों ने खरीदे.
इसके अलावा रौनक मोटर्स में 42 यामाहा बाइक की बिक्री हुई. वहीं महिंद्रा के 25 और सोनालिका के 10 ट्रैक्टर भी ग्राहकों ने खरीदे. वाहन कारोबारियों के अनुसार, धनतेरस पर वाहन बाजार में करीब 30 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ. दोपहिया वाहनों की सर्वाधिक मांग रही, जबकि ट्रैक्टरों की बिक्री ने भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खेती-किसानी से जुड़े बाजार में उत्साह का माहौल दिखाया.
सराफा बाजार में सोने-चांदी की चमक
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा के कारण सराफा बाजार में भी अच्छी रौनक रही. आभूषणों के साथ सोने-चांदी के सिक्कों की खरीदारी के लिए ग्राहक दुकानों पर पहुंचे. कई लोगों ने शुभ मुहूर्त में निवेश और परंपरा दोनों को ध्यान में रखते हुए कीमती धातुओं की खरीदारी की.
इलेक्ट्रॉनिक और बर्तन बाजार में भी उमड़ी भीड़
सराफा बाजार के साथ इलेक्ट्रॉनिक दुकानों में भी धनतेरस की चमक देखने को मिली. वाशिंग मशीन, एसी, एलईडी टीवी, हीटर, गीजर और फ्रिज जैसे घरेलू उपकरणों की खरीदारी में ग्राहकों ने दिलचस्पी दिखाई. मोबाइल और बर्तन दुकानों में भी दिनभर ग्राहकों की आवाजाही बनी रही.
सोना-चांदी, बर्तन, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बिक्री से करीब 10 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया गया. इसके अतिरिक्त लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों, दीपक, बाती, मोमबत्तियों और पूजा सामग्री की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ रही.
कारोबार से व्यापारियों के खिले चेहरे
धनतेरस पर सरायकेला के बाजारों में उमड़ी भीड़ ने स्थानीय व्यापारियों को त्योहार के मौसम में बड़ी राहत दी है. कारोबारियों के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, विभिन्न बाजारों को मिलाकर करीब 50 करोड़ रुपये का कारोबार होने की संभावना जताई गई है. हालांकि, यह आंकड़ा कारोबारियों से प्राप्त जानकारी पर आधारित अनुमान है, आधिकारिक व्यापारिक आंकड़ा नहीं है.
आस्था, परंपरा और समृद्धि का पर्व है धनतेरस
धनतेरस दीपावली से दो दिन पहले मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे. कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान धन्वंतरि के प्रकट होने के कारण इस पर्व को धनतेरस कहा जाता है.
मान्यता है कि इस दिन बर्तन, सोना, चांदी और अन्य धातुओं की खरीदारी करना शुभ होता है. चांदी को चंद्रमा का प्रतीक माना जाता है, जो शीतलता और संतोष का संदेश देती है. सुख-समृद्धि और मंगलकामना की भावना के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व हर वर्ष बाजारों में नई ऊर्जा और उत्साह भर देता है.
रिपोर्ट: प्रमोद सिंह (संपादक)

