लोहरदगा: झारखंड विधानसभा की पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति शनिवार को लोहरदगा जिला पहुंची. जिला आगमन पर परिसदन में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार मीना एवं पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने समिति के सभापति उदय शंकर सिंह, विधायक सारठ विधानसभा क्षेत्र तथा समिति के सदस्य जनार्दन पासवान, विधायक चतरा विधानसभा क्षेत्र एवं संजीव सरदार, विधायक पोटका विधानसभा क्षेत्र का पौधा भेंट कर स्वागत किया.


इसके बाद समिति के सभापति उदय शंकर सिंह की अध्यक्षता में परिसदन में जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, औद्योगिक गतिविधियों, खनन कार्यों, वन संरक्षण, स्वास्थ्य, कृषि एवं शिक्षा सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई.
औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण पर जोर
औद्योगिक क्षेत्र की समीक्षा के दौरान समिति ने जिले में संचालित औद्योगिक इकाइयों की स्थिति, औद्योगिक विकास, विभिन्न योजनाओं तथा कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली. निजी औद्योगिक इकाइयों द्वारा CSR मद में किए जा रहे खर्च और सामाजिक विकास में उनके योगदान की भी समीक्षा की गई.

इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत मजदूरों की संख्या, श्रमिकों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराए जा रहे उपकरण एवं ड्रेस तथा औद्योगिक अपशिष्ट के निष्पादन की व्यवस्था की जानकारी ली गई. समिति ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण मानकों का अनिवार्य रूप से पालन कराया जाए. औद्योगिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने के साथ श्रमिकों की सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.
खनन क्षेत्रों में पर्यावरणीय मानकों के पालन का निर्देश
समिति ने जिले में संचालित खदानों, विशेषकर बड़े खनन क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति, पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव, स्थानीय स्तर पर होने वाले प्रदूषण तथा खनन गतिविधियों से संबंधित निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति की समीक्षा की. खनन कार्यों में लक्ष्य, उपलब्धि और लंबित कार्यों की जानकारी लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे उपायों पर भी चर्चा की गई.
सभापति ने निर्देश दिया कि खनन क्षेत्रों में पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को प्रभावी बनाया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए.
पौधरोपण के साथ पौधों का संरक्षण भी जरूरी
वन विभाग की समीक्षा के दौरान समिति ने जिले में चलाए जा रहे पौधरोपण अभियान, लगाए गए पौधों की संख्या, उनके संरक्षण और जीवित रहने की स्थिति की जानकारी ली. समिति ने कहा कि केवल पौधरोपण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण और नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए.
कृषि विभाग की समीक्षा में संचालित योजनाओं, जैविक खेती को बढ़ावा देने, महिला स्वयं सहायता समूहों एवं महिला मंडलों की भागीदारी तथा किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे लाभों की जानकारी ली गई. समिति ने किसानों को जागरूक कर पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया.
प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य जांच का निर्देश
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान खनन एवं औद्योगिक गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव, उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं तथा स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की व्यवस्था की जानकारी ली गई. समिति ने संबंधित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और जरूरतमंद लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
बैठक के अंत में समिति ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया. साथ ही पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा तथा आम लोगों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया. विभागीय योजनाओं और कार्यों की नियमित निगरानी करने के साथ निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया.
बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी अभिषेक कुमार, उप विकास आयुक्त राज महेश्वरम, आईटीडीए परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, एसडीओ अमित कुमार समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.

