
बिहार: सरकारी विद्यालयों की जमीनी हकीकत जानने के लिए कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने ऐसा कदम उठाया, जिसकी पूरे जिले में चर्चा हो रही है. मनिहारी प्रखंड के मध्य विद्यालय कांटा कोष के निरीक्षण के दौरान डीएम ने किसी औपचारिकता के बजाय सीधे बच्चों के बीच जमीन पर बैठकर उनके साथ मिड-डे मील किया.


जिलाधिकारी ने वही भोजन किया, जो प्रतिदिन विद्यालय के बच्चों को परोसा जाता है. भोजन के दौरान उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, स्कूल की व्यवस्था, मिड-डे मील की गुणवत्ता और अन्य सुविधाओं को लेकर खुलकर बातचीत की. बच्चों ने भी बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं और अनुभव साझा किए.
निरीक्षण के दौरान डीएम ने मिड-डे मील की गुणवत्ता का स्वयं आकलन किया और विद्यालय की शैक्षणिक एवं आधारभूत व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ वातावरण और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
जिलाधिकारी का बच्चों के बीच जमीन पर बैठकर भोजन करने का यह मानवीय अंदाज वहां मौजूद शिक्षकों, अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया. लोगों ने इसे सरकारी विद्यालयों की वास्तविक स्थिति जानने की सकारात्मक पहल बताया.
Edited By Sarita





