जामताड़ा/ Manish Barnwal

रानी सती राईस मिल के क्रियाशील अवस्था में है अथवा नहीं के संबंध में जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा जामताड़ा अंचल अधिकारी को पत्र निर्गत कर भौतिक सत्यापन करने का अनुरोध किया गया है. साथ ही प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है. जामताड़ा स्थित रानी सती राईस मिल के परौपराइटर मुकेश कुमार गाडयान थे. स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि करीब दस साल से ज्यादा समय हो गया रानी सती राइस मिल पर ताला लगे हुए हैं. साथ ही राइस मिल के प्रोपराइटर रह चुके मुकेश कुमार काफी दयनीय स्थिति में है.
*क्या है मामला*
खरीफ विपणन मौसम 2012- 13 में धाम अधिप्राप्ति योजना के तहत भारतीय खाद्य निगम में रानी सती राईस मिल, जामताड़ा द्वारा शत प्रतिशत CMR सुपुर्द नही किया गया था. इस कारण समतुल्य राशि की वसुली के लिए विभाग पुनः क्रियाशील हो गया है. रानी सती राईस मिल, जामताड़ा के क्रियाशील अवस्था में है अथवा नहीं के संबंध में स्थलीय जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है ताकि प्रतिवेदन जिला प्रबंधक, झारखण्ड राज्य खाद्य निगम, दुमका को भेजी जा सके. बताते चलें कि वित्तीय वर्ष 2012- 13 में धान अधिप्राप्ति योजना के तहत भारतीय खाद्य निगम में रानी सती राईस मिल द्वारा शत प्रतिशत CMR सुपुर्द नहीं किए जाने के फलस्वरूप बकाये राशि के वसुली के लिए जामताड़ा थाना में वर्ष 2021 में
आवेदन दिया गया. जिसपर जामताड़ा पुलिस द्वारा विभिन्न धाराओं में कांड संख्या 49/21 के तहत प्राथमिकी दर्ज किया था. इधर प्राथमिकी जैसे ही दर्ज हुआ उक्त राइस मिल के
प्रोपराइटर के द्वारा 27 लाख रुपए का भुगतान एकमुश्त किया गया. जबकि भारतीय खाद्य निगम को उक्त राइस मिल से 1 करोड़ 64 लाख से अधिक राशि प्राप्त करना था. अब पुनः अपने बकाया 1 करोड़ 37 लाख के लिए विभाग क्रियाशील
हो गया है और जामताड़ा अंचलाधिकारी को उक्त राइस मिल का भौतिक सत्यापन कर प्रतिवेदन सौंपने को कहा है.

