जामताड़ा: जिले के मिहिजाम नगर क्षेत्र स्थित हासीपहाड़ी (कंगोई) निवासी उपभोक्ता सेरुन बीबी ने बिजली विभाग के समक्ष गंभीर शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनके घर में लगा बिजली मीटर बिजली आपूर्ति बंद रहने के दौरान भी यूनिट दर्ज कर रहा है. उपभोक्ता का दावा है कि इसी कारण अप्रैल 2026 का बिजली बिल असामान्य रूप से बढ़कर 566 यूनिट का आ गया, जबकि उनकी सामान्य मासिक खपत 120 से 200 यूनिट के बीच रहती है.


शिकायत के अनुसार, घर का मुख्य स्विच बंद रहने और किसी प्रकार का विद्युत उपयोग नहीं होने के बावजूद मीटर लगातार यूनिट दर्ज कर रहा है. उपभोक्ता का आरोप है कि हाल के दिनों में बिना किसी अतिरिक्त उपयोग के मीटर में 133 यूनिट की बढ़ोतरी दर्ज हुई है. उनका कहना है कि घर में कोई भारी विद्युत उपकरण भी नहीं है, जिससे इतनी अधिक खपत होना संभव हो.

मामले को लेकर सेरुन बीबी ने 11 मई 2026 को सहायक अभियंता, मिहिजाम को पहली लिखित शिकायत सौंपी थी. समाधान नहीं मिलने पर 19 मई 2026 को पुनः विस्तृत आवेदन देकर मीटर की तकनीकी जांच एवं तत्काल बदलाव की मांग की. शिकायत पत्रों के साथ मीटर रीडिंग की तस्वीरें तथा पुराने बिजली बिलों की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं. दोनों शिकायतों पर विभागीय प्राप्ति मुहर लगी हुई है.
उपभोक्ता ने विभाग से मीटर की निष्पक्ष तकनीकी जांच, आवश्यकता पड़ने पर मीटर प्रतिस्थापन, अप्रैल माह के बिल का पुनर्मूल्यांकन तथा पूर्व की औसत खपत के आधार पर संशोधित बिल जारी करने की मांग की है.

इस संबंध में विद्युत आपूर्ति प्रशाखा, मिहिजाम के सहायक अभियंता संतोष मंडल ने बताया कि यदि उपभोक्ता मीटर खराब होने का दावा करता है, तो विभागीय प्रक्रिया के तहत मीटर को सील कर एमआरआई (मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट) जांच के लिए दुमका भेजा जाएगा. इसके लिए उपभोक्ता को निर्धारित शुल्क के रूप में एक हजार रुपये जमा करने होंगे. उन्होंने बताया कि दूसरा विकल्प यह है कि पिछले पांच से छह माह की बिजली खपत का औसत निकालकर उसकी समीक्षा की जाए, जिससे वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके.
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में बिजली बिल और स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं. ऐसे में मिहिजाम का यह मामला भी स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. अब सभी की निगाहें विभागीय जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हैं.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

