
जामताड़ा: पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने करमाटाड़ थाना क्षेत्र के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर तीन शातिर साइबर अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया.


इस सफलता को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साइबर डीएसपी अमीत रविदास ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी बेहद हाईटेक तरीके से लोगों को अपना शिकार बना रहे थे.आरोपी समीम अंसारी और कैफ अंसारी ‘Ease My Deal’ ऐप के जरिए ‘PhonePe’ पर ₹1999 का फर्जी कैशबैक मैसेज भेजते थे.जैसे ही ग्राहक इसे स्वीकार करता, रकम ऐप में ट्रांसफर हो जाती थी. बाद में आरोपी गिफ्ट कार्ड खरीदकर कमीशन पर बेच देते थे.
वहीं तीसरा आरोपी मुस्तकीम अंसारी खुद को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताकर लोगों को फोन करता था.वह ग्राहकों को यह कहकर झांसा देता था कि उनका क्रेडिट कार्ड बंद होने वाला है. नया कार्ड चालू कराने के बहाने वह पीड़ितों के मोबाइल में फर्जी APK फाइल डाउनलोड करवाकर कार्ड की गोपनीय जानकारी चुराता और ठगी को अंजाम देता था.
पुलिस ने पहली छापेमारी पारटोल गांव के पश्चिम बांस झाड़ के पास की, जहां से दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. दूसरी कार्रवाई ताराबहाल स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में हुई, जहां से एक अन्य आरोपी पकड़ा गया.
गिरफ्तार आरोपियों में समीम अंसारी (24), कैफ अंसारी (19) और मुस्तकीम अंसारी (38) शामिल हैं. पुलिस ने इनके पास से 6 मोबाइल फोन और 4 सिम कार्ड बरामद किए हैं.जांच में यह भी सामने आया कि मुस्तकीम अंसारी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पहले भी साइबर ठगी के मामले में आरोपी रह चुका है. पुलिस ने बीएनएस 2023, आईटी एक्ट 2000 और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है.
अंत में साइबर डीएसपी ने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, फोन पर बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें और किसी के कहने पर मोबाइल में अनजान APK फाइल डाउनलोड करने से बचें.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल






