जामताड़ा: जिले में चौकीदार भर्ती 2025- 26 एक बार फिर विवादों में घिर गई है. भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और बीट नियमों के उल्लंघन को लेकर अभ्यर्थियों ने उपायुक्त से निष्पक्ष जांच की मांग की है.


अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती विज्ञापन में संबंधित बीट क्षेत्र का स्थायी निवासी होना अनिवार्य बताया गया था, लेकिन औपबंधिक मेधा सूची जारी होने के बाद कई ऐसे उम्मीदवारों के आवेदन स्वीकार कर लिए गए हैं जो कथित रूप से संबंधित बीट के निवासी नहीं हैं. इससे स्थानीय अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं.
दूसरी ओर कुछ अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में पक्षपात और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है. उनका कहना है कि चौकीदार भर्ती से जुड़ा मामला झारखंड हाईकोर्ट में लंबित है और इसकी अगली सुनवाई 8 जुलाई 2026 को होनी है.
अभ्यर्थियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए, न्यायालय के अंतिम आदेश तक नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित रखी जाए और पात्र अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए.
फिलहाल चौकीदार भर्ती को लेकर जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म है. अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई और हाईकोर्ट के आगामी फैसले पर टिकी हुई हैं.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

