जमशेदपुर: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में एक महिला द्वारा पुलिसकर्मी पर लगाए गए दुष्कर्म के आरोप को लेकर राजनीतिक विरोध तेज हो गया है. रविवार को जमशेदपुर भाजपा महिला मोर्चा ने घटना के विरोध में प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया. इस दौरान भाजपा नेताओं ने राज्य में महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा.


प्रदेश भाजपा की ओर से भी इस मामले को लेकर राज्य के विभिन्न सांगठनिक मंडलों में विरोध प्रदर्शन और मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने की घोषणा की गई थी. इसी क्रम में जमशेदपुर में भाजपा महिला मोर्चा ने विरोध जताया.
प्रदर्शन में शामिल जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा दास साहू ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि थाना जैसे संवेदनशील स्थान पर पुलिसकर्मी पर महिला से दुष्कर्म का आरोप लगना बेहद गंभीर मामला है. उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब सुरक्षा और न्याय की उम्मीद लेकर महिला थाना पहुंचती है और वहीं ऐसी घटना का आरोप सामने आता है, तो महिलाएं आखिर किस पर भरोसा करेंगी.
विधायक पूर्णिमा दास साहू ने इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने आयोग से स्वतः संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित कराने, थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा पीड़िता को पर्याप्त सुरक्षा और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया है.
वहीं, भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष नीलू मछुआ ने भी घटना पर नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार से महिला सुरक्षा के मुद्दे पर ठोस कदम उठाने की मांग की.
गौरतलब है कि गम्हरिया थाना मामले में महिला की शिकायत के बाद आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को गिरफ्तार किया जा चुका है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है. वहीं, थाना स्तर पर हुई लापरवाही को लेकर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी की गई है.

