
आदित्यपुर/जमशेदपुर: डबल डाउन बार हत्याकांड में करणी सेना युवा मोर्चा, सरायकेला-खरसावां के जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह की हत्या के बाद उत्पन्न गतिरोध बुधवार को भी बरकरार रहा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से संवेदना व्यक्त करने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा देने और परिवार के एक सदस्य को अनुबंध पर नौकरी देने की पेशकश के बावजूद परिजन और समर्थक अपनी मांगों पर अड़े रहे.


सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने परिजनों से बातचीत कर हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया. सरकार की ओर से प्रशासन ने भी दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया. इसके बावजूद परिजनों ने साफ कहा कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा.
परिजनों और करणी सेना के समर्थकों की मांग है कि मामले के सभी नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, मुख्य आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो, घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए तथा अन्य मांगों पर स्पष्ट निर्णय लिया जाए. जब तक इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक हिमांशु सिंह का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा.
इधर सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े प्रशासनिक कदम उठाते हुए पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक और सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक को पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है. साथ ही पूरे मामले की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
वहीं प्रशासन लगातार परिजनों और समर्थकों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है, ताकि तनावपूर्ण स्थिति समाप्त हो और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न हो सके. शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और लोगों से शांति एवं संयम बनाए रखने की अपील की जा रही है.
यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुका है. सभी की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन परिजनों का विश्वास जीतने और मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने में कितना सफल होता है.
Edited By Sarita






