
बोकारो: मानसून की पहली अच्छी बारिश के साथ ही बोकारो का नया मोड़ से माराफारी जाने वाला सीजेड (CZ) गेट स्थित रेलवे अंडरपास एक बार फिर तालाब में तब्दील हो गया. अंडरपास में चार से पांच फीट तक पानी भर जाने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.


स्थानीय लोगों के अनुसार हर साल बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है. पानी भरने के कारण कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो जाते हैं, जबकि पैदल चलने वालों के लिए भी अंडरपास पार करना जोखिम भरा हो जाता है.
यह मार्ग नया मोड़, माराफारी और आसपास के इलाकों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है. इसी रास्ते से प्रतिदिन हजारों लोग, स्कूल-कॉलेज के छात्र, कार्यालय जाने वाले कर्मचारी और बोकारो स्टील प्लांट में कार्यरत ठेका मजदूर आवागमन करते हैं. बारिश के दौरान अंडरपास में जलभराव होने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो जाता है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बोकारो स्टील लिमिटेड (BSL) सड़क निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च करता है, लेकिन जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण हर वर्ष वही समस्या दोहराई जाती है. उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है.
लोगों ने बीएसएल प्रबंधन और संबंधित विभाग से अंडरपास में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि हर बारिश में लोगों को इस परेशानी का सामना न करना पड़े.
रिपोर्ट: शुभम मिश्रा






