सरायकेला: चांडिल- कांड्रा मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर बुधवार को बामनडीह हरि मंदिर से कटिया तक ग्रामीणों ने हाथों में तख्तियां और नारों के साथ विशाल जुलूस निकाला तथा पथ निर्माण मंत्री का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में आसपास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए.

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क की हालत पिछले कई महीनों से अत्यंत खराब है. सड़क पर जगह- जगह कीचड़, धूल और तालाबनुमा गड्ढे बन गए हैं, जिससे राहगीरों, स्कूल के बच्चों और बाइक सवारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. कई बार लोग गिरकर घायल हुए हैं, जबकि कुछ हादसों में जान तक जा चुकी है.
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ सप्ताह पहले किसान संगठन ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (AIKKMS) ने चांडिल प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को सड़क मरम्मत की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था. BDO ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था और ग्रामीणों ने सात दिनों का अल्टीमेटम दिया था. लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी न तो सड़क की मरम्मत हुई और न ही पानी का छिड़काव किया गया.

ग्रामीणों ने कहा कि कुछ महीने पहले स्थानीय विधायक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह दावा किया था कि सड़क की मरम्मत शीघ्र शुरू की जाएगी, लेकिन वह वादा सिर्फ कागजों में ही रह गया. सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है.
ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस मार्ग से रोजाना जनप्रतिनिधि और अधिकारी गुजरते हैं, लेकिन किसी ने इसकी सुध नहीं ली. इस उपेक्षा के खिलाफ आज ग्रामीणों ने आक्रोश जताया और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे सड़क जाम आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
इस आंदोलन का नेतृत्व आशुदेव महतो ने किया. कार्यक्रम में सृष्टिधर महतो, मनोरंजन कुंभकार, मनोज वर्मा, ज्योतिलाल महाली, भुजंग मछुआ, धीरेंद्र गौड़, उदय तंतुवाई, कृष्णा महतो, नित्यानंद लायक समेत सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे.

