पटना: स्थित बुद्धा कैंसर सेंटर एक बार फिर मानवता और सेवा का उदाहरण बनकर सामने आया है. संस्थान के निदेशक एवं वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अरविंद कुमार ने सात वर्षीय कैंसर पीड़ित बच्चे के इलाज की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली है.

जानकारी के अनुसार, हाल ही में पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी से लौटते समय डॉ. अरविंद कुमार की नजर एक गंभीर हालत में मौजूद बच्चे पर पड़ी. बच्चे की पहचान एमडी फारूक के रूप में हुई, जो काफी परेशान और अस्वस्थ स्थिति में था.
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए डॉ. कुमार ने बिना देर किए बच्चे और उसके परिजनों को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया और तत्काल इलाज शुरू करवाया. जांच के बाद डॉक्टरों ने पुष्टि की कि बच्चा लिंफोमा नामक गंभीर कैंसर से पीड़ित है, जो लसीका तंत्र से जुड़ी एक खतरनाक बीमारी है. बच्चे का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और आयुष्मान भारत जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें नहीं मिल पा रहा था, जिससे इलाज कराना उनके लिए संभव नहीं था.
ऐसी परिस्थिति में डॉ. अरविंद कुमार ने संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए बच्चे के पूरे इलाज का खर्च खुद उठाने का फैसला किया, ताकि उसे बिना किसी बाधा के बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके.
इस पहल पर बोलते हुए डॉ. कुमार ने कहा कि हर व्यक्ति को जीवन जीने का समान अवसर मिलना चाहिए, चाहे उसकी आर्थिक या सामाजिक स्थिति कैसी भी हो. उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर की जिम्मेदारी केवल इलाज तक सीमित नहीं होती, बल्कि मरीज के साथ संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ खड़ा होना भी जरूरी है.
यह पहल न केवल एक मानवीय उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि स्वास्थ्य सेवा में नैतिकता और संवेदनशीलता कितनी महत्वपूर्ण है. बुद्धा कैंसर सेंटर का यह कदम समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश है कि जरूरतमंदों तक गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है.

