आदित्यपुर: नगर निगम की चौथी बोर्ड बैठक शनिवार को हंगामेदार रही. बैठक के दौरान महापौर संजय सरदार को पार्षदों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा. पार्षदों ने बिना बोर्ड की सहमति के संविदाकर्मियों के सेवा विस्तार, मानदेय वृद्धि और नियमितीकरण से जुड़े प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उस पर चर्चा से ही इनकार कर दिया.



बैठक में मेयर और डिप्टी मेयर के पेट्रोल भत्ते का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठा. पार्षदों ने सवाल किया कि जहां उन्हें 60 लीटर पेट्रोल भत्ते के लिए विभागीय स्वीकृति का हवाला देकर टाल दिया जाता है, वहीं मेयर और डिप्टी मेयर को 260 लीटर पेट्रोल भत्ता किस आधार और किसकी अनुशंसा पर दिया जा रहा है. पार्षदों ने उनकी अनुशंसा का दुरुपयोग किए जाने का आरोप लगाया और तत्काल इस व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग की. इस पर डिप्टी मेयर ने कहा कि जब तक पार्षदों को 60 लीटर पेट्रोल भत्ता स्वीकृत नहीं हो जाता, तब तक वह भी पेट्रोल भत्ता नहीं लेंगे. उन्होंने पार्षदों की मांग का समर्थन किया.
बैठक के दौरान 27 पार्षदों ने सांसद और विधायक का नाम नगर निगम की योजनाओं के शिलापट्ट पर अंकित किए जाने का विरोध करते हुए नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा. पार्षदों का कहना था कि केवल सांसद या विधायक निधि से संचालित योजनाओं में ही उनका नाम शिलापट्ट पर होना चाहिए.
बैठक में लगभग सभी पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याएं उठाईं. सफाई व्यवस्था, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, जलनिकासी और अधूरी विकास योजनाओं पर चर्चा हुई. वार्ड छह के पार्षद धनंजय गुप्ता ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासनिक सुस्ती के कारण जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच जवाब देना मुश्किल हो रहा है.
वार्ड 30 के पार्षद सुधीर चौधरी और वार्ड 23 के पार्षद अवधेश सिंह ने बिना बोर्ड की मंजूरी के लिए गए निर्णयों पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि महापौर पूरे 35 वार्डों के प्रतिनिधि हैं और किसी एक वार्ड के लिए एकतरफा निर्णय लेना उचित नहीं है. सुधीर चौधरी ने जागृति मैदान के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए और वहां खेल मैदान अथवा कॉलेज विकसित करने की मांग की.
वार्ड 17 की पार्षद नीतू शर्मा ने अधूरी योजनाओं को शीघ्र पूरा करने, नियमित फॉगिंग, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, खरकाई पुल पर सुरक्षा जाली लगाने तथा टाटा-कांड्रा मुख्य मार्ग के सर्विस रोड की नालियों की गहरी सफाई कराने की मांग उठाई. उन्होंने कहा कि वर्षों से नालियों की सफाई नहीं होने के कारण बारिश में कई वार्ड जलभराव की समस्या से जूझते हैं.
पार्षद राजरानी महतो और डॉ. नथुनी ने पूर्व में दिए गए प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई. डॉ. नथुनी ने भी पार्षदों के लिए पेट्रोल भत्ता स्वीकृत करने की मांग का समर्थन किया. इस मुद्दे पर अधिकांश पार्षदों ने एकजुटता दिखाई.
बैठक में प्रत्येक वार्ड में सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाने, उनके मानदेय में वृद्धि तथा नियमितीकरण की मांग भी प्रमुखता से उठी. पार्षदों का कहना था कि संविदाकर्मियों के सेवा विस्तार से अधिक जरूरी सफाईकर्मियों की स्थिति में सुधार करना है.
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में महापौर संजय सरदार ने कहा कि नगर निगम साफ-सफाई और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में सुधार के लिए काम कर रहा है. आवश्यकता पड़ने पर सीएसआर के माध्यम से भी सफाई कार्य कराए जाएंगे.
कुल मिलाकर नगर निगम की चौथी बोर्ड बैठक में कई मुद्दों पर महापौर को पार्षदों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा. बैठक में उठे विवादों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और बोर्ड के भीतर समन्वय को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए.





