आदित्यपुर: सरायकेला- खरसावां जिले में टाटा- कांड्रा मार्ग पर चल रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान आदित्यपुर पहुंचने से पहले ही ठंडा पड़ता नजर आया. उपायुक्त के निर्देश पर बीते शुक्रवार से शुरू हुआ अभियान सोमवार को आदित्यपुर क्षेत्र में चलाया जाना था, लेकिन स्थानीय बीजेपी विधायक चंपाई सोरेन के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई रोक दी गई.

सोमवार को अभियान की आशंका के बीच आदित्यपुर के इमली चौक इलाके में कई अतिक्रमणकारियों ने स्वयं ही अपना अतिक्रमण हटा लिया. वहीं आदित्यपुर थाना रोड पर सामान्य दिनों के मुकाबले बिल्कुल अलग स्थिति देखने को मिली. जहां आमतौर पर सुबह से देर रात तक जाम की स्थिति बनी रहती है, वहां सोमवार को सड़कें काफी खाली नजर आईं. कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं, जबकि कई लोगों ने दुकानें लगाई ही नहीं.
जानकारी के अनुसार अतिक्रमणकारी दुकानदारों के साथ विधायक चंपाई सोरेन की बैठक दोपहर तीन बजे बुलाई गई थी, जिसके बाद आगे की रणनीति पर विचार किया जाना था.
इधर गम्हरिया के फुटपाथी दुकानदारों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है. दुकानदारों का कहना है कि यदि राजनीतिक दबाव में अभियान रोकना ही था तो पहले उन्हें उजाड़ा क्यों गया. उन्होंने सवाल उठाया कि अब उनकी रोजी- रोटी का क्या होगा.
गौरतलब है कि टाटा-कांड्रा मार्ग के सर्विस रोड, इमली चौक, शेर-ए-पंजाब, आदित्यपुर थाना रोड, आकाशवाणी चौक, जियाडा क्षेत्र, प्रभात पार्क और खरकाई पुल के आसपास बढ़ते अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने अभियान शुरू किया था. उद्देश्य सड़क जाम की समस्या कम करना और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना बताया गया था.
हालांकि अब यह अभियान एक बार फिर राजनीति की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है. स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि बीजेपी शासित राज्यों में बुलडोजर कार्रवाई की चर्चा होती रही है, लेकिन सरायकेला में बीजेपी विधायक द्वारा अतिक्रमणकारियों के समर्थन को लेकर अलग तरह की राजनीतिक बहस शुरू हो गई है. कुछ लोग इसे वोट बैंक की राजनीति से जोड़कर भी देख रहे हैं.
वहीं नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि आज तक स्थायी समाधान के लिए वेंडर जोन विकसित करने की दिशा में गंभीर पहल नहीं हुई. साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि सर्विस रोड के दोनों ओर बिना समुचित पार्किंग व्यवस्था के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को कैसे बढ़ावा मिला और सड़क किनारे होने वाली पार्किंग व्यवस्था के लिए जिम्मेदार कौन है.



