
सरायकेला: जिले के आदित्यपुर थाना के समीप पीएचडी कार्यालय की बाउंड्री में स्थित शिव मंदिर से सटा एक विशालकाय सूखा नीम का पेड़ इन दिनों बड़े हादसे का इंतजार करता नजर आ रहा है. करीब एक वर्ष से पूरी तरह सूख चुका यह पेड़ अब भी खड़ा है, लेकिन बारिश और तेज हवा के बीच इसके कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई है.


चिंता की बात यह है कि यह स्थान आदित्यपुर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल है. इसी मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं. सड़क के आसपास आदित्यपुर थाना, पीएचडी कार्यालय एवं आवासीय परिसर, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, वन विभाग कार्यालय, बिजली विभाग कार्यालय और प्रमुख बाजार स्थित हैं. दिनभर यहां लोगों और वाहनों की आवाजाही लगी रहती है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होने के बाद सूखे पेड़ का खतरा और बढ़ गया है. यदि यह अचानक सड़क, मंदिर या किसी सरकारी कार्यालय की ओर गिरता है, तो बड़ा हादसा हो सकता है. इससे जान-माल का भारी नुकसान होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पेड़ करीब एक वर्ष से सूखा खड़ा है, तब भी संबंधित विभागों ने इसे हटाने की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया. वन विभाग, नगर निगम, पीएचडी विभाग और जिला प्रशासन की यह लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है.
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अविलंब सूखे पेड़ का तकनीकी निरीक्षण कर उसे सुरक्षित तरीके से हटाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि हादसे के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि समय रहते खतरे को समाप्त कर दिया जाए. अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग चेतावनी को गंभीरता से लेते हैं या फिर किसी अप्रिय घटना का इंतजार किया जाएगा.






