नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार को संसद में शुक्रवार को बड़ा झटका लगा है. महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में पारित नहीं किया जा सका. दो दिनों तक चली चर्चा के बाद शुक्रवार को हुए मतदान में यह बिल आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर पाया.

लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर कुल 528 सांसदों ने मतदान किया. इसमें 298 सांसदों ने बिल के पक्ष में वोट दिया, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया. संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए 326 मतों की आवश्यकता थी, जो सरकार को नहीं मिल सकी.
गौरतलब है कि इस बिल को पारित कराने के लिए केंद्र सरकार ने लोकसभा का विशेष सत्र बुलाया था. दो दिनों तक इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई और सरकार की ओर से विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए इसे पास कराने की कोशिश की गई. हालांकि, मतदान के दौरान आवश्यक समर्थन नहीं मिलने के कारण यह महत्वपूर्ण विधेयक गिर गया. इसे केंद्र सरकार के लिए एक राजनीतिक झटका माना जा रहा है.

