ईचागढ़: सरायकेला- खरसावां जिले का ईचागढ़ प्रखंड सह अंचल कार्यालय इन दिनों बदइंतजामी और लापरवाही का जीता- जागता उदाहरण बन गया है. हर महीने लाखों रुपये का राजस्व वसूली के बावजूद कार्यालय की हालत बदहाल है और व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है.

कार्यालय के अधिकांश कमरों में ताले लटके हुए हैं, कई कमरों के दरवाजे तक गायब हैं. दूर- दराज से अपनी समस्याएं लेकर आने वाले लोग यहां पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें अधिकारियों की बेरुखी और अनदेखी का सामना करना पड़ता है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी अक्सर मीटिंग और फील्ड विजिट का बहाना बनाकर कार्यालय से गायब रहते हैं. उनकी अनुपस्थिति में दलालों का बोलबाला है. स्थिति इतनी गंभीर है कि दलालों के लिए अलग से कमरा आरक्षित रहने की बात भी सामने आ रही है.
एक पीड़ित युवक ने बताया कि उसने दो साल पहले जमीन दाखिल- खारिज के लिए आवेदन किया था, लेकिन रिश्वत नहीं देने के कारण उसका म्यूटेशन रद्द कर दिया गया. जबकि उसके पास कोर्ट, डीसी एलआर और एसडीओ का स्पष्ट आदेश भी मौजूद था. ऐसे कई लोग हैं जो प्रखंड और अंचल कार्यालय के चक्कर काट- काटकर थक चुके हैं और प्रशासनिक रवैये से बेहद नाराज हैं. लोगों का कहना है कि एक तरफ जिले के उपायुक्त व्यवस्था सुधारने के लिए प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मॉनिटरिंग के अभाव में ईचागढ़ प्रखंड कार्यालय में अराजकता का माहौल बना हुआ है.
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और जिम्मेदार अधिकारियों- कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होगी.

