सरायकेला/ Pramod Singh जिले में पड़ रही भीषण गर्मी अब स्कूली बच्चों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है. तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच चुका है और लू के थपेड़ों के बीच छोटे बच्चों का स्कूल जाना जोखिम भरा साबित हो रहा है. सरायकेला विधानसभा क्षेत्र से एक अहम पहल सामने आई है, जहां विधायक प्रतिनिधि सनंद आचार्य ने उपायुक्त को पत्र लिखकर विद्यालयों के समय में तत्काल कटौती की मांग की है.

उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और स्कूल टाइमिंग में बदलाव जरूरी हो गया है. उन्होंने बताया कि सरकारी निर्देश के अनुसार स्कूल सुबह 11:30 बजे तक संचालित हो रहे हैं, लेकिन इस भीषण गर्मी में यह समय भी बच्चों के लिए काफी कठिन साबित हो रहा है. कई स्कूलों में पंखा और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है, जिससे परेशानी और बढ़ रही है.
लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां बच्चों को नाक से खून आना, तेज सिरदर्द, चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं हो रही हैं. ये लक्षण स्पष्ट तौर पर हीट वेव के असर को दर्शाते हैं, जो आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकते हैं.
सनंद आचार्य ने कहा कि शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन बच्चों का स्वास्थ्य उससे कहीं अधिक जरूरी है. उन्होंने उपायुक्त से आग्रह किया है कि स्कूलों के समय में और कटौती की जाए या जरूरत पड़ने पर कुछ दिनों के लिए अवकाश घोषित किया जाए.
अभिभावकों ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि दोपहर की तेज धूप में बच्चों को स्कूल भेजना मजबूरी बन गया है, लेकिन उनकी सेहत को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है.
अब सबकी नजर जिला प्रशासन के फैसले पर टिकी है. अगर समय रहते उचित कदम उठाया गया, तो यह हजारों बच्चों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है.

