सरायकेला/ Pramod Singh नगर क्षेत्र में बिजली व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है. हल्की सी बारिश होते ही घंटों तक बिजली गुल रहना आम बात बन गई है. गुरुवार शाम करीब 4 बजे कटी बिजली शुक्रवार सुबह 4 बजे जाकर बहाल हुई, यानी पूरे 12 घंटे तक लोग अंधेरे में रहने को मजबूर रहे.

लगातार हो रही बिजली कटौती और मेंटेनेंस के नाम पर लंबे पावर कट से लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग रोजाना 4 से 5 घंटे तक मेंटेनेंस के नाम पर बिजली काट देता है, लेकिन इसका जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं दिखता है.
गुरुवार को हालात और भी खराब हो गए, जब हल्की बारिश के बाद पूरी बिजली व्यवस्था ठप हो गई. लोगों को रात भर बिना बिजली के गुजारना पड़ा. इस दौरान घरों में पानी की किल्लत, गर्मी से परेशान लोग और मोबाइल चार्जिंग जैसी बुनियादी समस्याएं भी बड़ी चुनौती बन गईं.
उपभोक्ताओं का आरोप है कि मेंटेनेंस केवल कागजी खानापूर्ति बनकर रह गया है. उनका कहना है कि विभाग के अधिकारी मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभा रहे हैं और कोई ठोस सुधार नहीं हो रहा है. स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गुरुवार को बिजली विभाग के कंट्रोल रूम के लिए जारी मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ मिला. इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई.
लगातार बिगड़ती बिजली व्यवस्था को लेकर सरायकेला के लोगों में भारी आक्रोश है. लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
बिजली विभाग की लापरवाही अब जनता के लिए असहनीय होती जा रही है. ऐसे में जरूरत है कि विभाग जिम्मेदारी समझते हुए स्थायी समाधान निकाले, अन्यथा यह असंतोष कभी भी बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है.

