सरायकेला: झारखंड में देर रात जारी बड़े प्रशासनिक फेरबदल में सरायकेला-खरसावां जिले को नई पुलिस कप्तान मिल गई है. 2013 बैच की आईपीएस अधिकारी निधि द्विवेदी को जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है. वे इससे पहले पाकुड़ की एसपी के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं. इस नियुक्ति के साथ ही अब सरायकेला-खरसावां की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी एक महिला अधिकारी के हाथों में आ गई है. माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में जिले में सख्त और संवेदनशील पुलिसिंग का संतुलन देखने को मिलेगा. वे जिले की 22वीं एसपी होंगी.

पाकुड़ में अपने कार्यकाल के दौरान निधि द्विवेदी ने अपराध नियंत्रण, वारंटियों की गिरफ्तारी और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में प्रभावी भूमिका निभाई थी. यही वजह है कि उनसे सरायकेला-खरसावां में भी बेहतर पुलिसिंग की उम्मीद की जा रही है.
प्रभावी विरासत छोड़ गए मुकेश लुणायत
वहीं, निवर्तमान एसपी मुकेश कुमार लुणायत जिले को एक मजबूत और अपराध नियंत्रण वाली व्यवस्था सौंप कर जा रहे हैं. 2018 बैच के आईपीएस लुणायत ने 4 जुलाई 2024 को जिले की कमान संभाली थी. उस समय जिले में संगठित अपराध, ब्राउन शुगर कारोबार और अवैध अफीम खेती बड़ी चुनौती बनी हुई थी. अपने करीब 22 महीने के कार्यकाल में उन्होंने कई बड़े अपराधियों पर शिकंजा कसा. सागर लोहार, संतोष थापा, भट्टा लोहार, टुना सिंह, बबलू दास, मोती विसोई, बाबू दास, तारिणी लोहार और विक्की नंदी जैसे अपराधियों को या तो जेल भेजा गया या अपराध से दूर रहने पर मजबूर किया गया.
कार्तिक मुंडा एनकाउंटर बड़ी उपलब्धि
उनके कार्यकाल की सबसे चर्चित घटनाओं में कुख्यात कार्तिक मुंडा प्रकरण और संतोष थापा की गिरफ्तारी रही. कार्तिक मुंडा, जो लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था, 11-12 जुलाई 2024 को जमशेदपुर के सोनारी इलाके में पुलिस कार्रवाई के दौरान मारा गया. इसके बाद अपराधियों में जबरदस्त खौफ देखा गया. इसी तरह कुख्यात संतोष थापा को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर जिले लाना और सख्त कार्रवाई करना भी बड़ी उपलब्धि मानी गई.
ड्रग नेटवर्क पर चोट
इसके अलावा आदित्यपुर क्षेत्र में सक्रिय ड्रग नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह के साथ मिलकर ब्राउन शुगर कारोबार को लगभग समाप्त करने में सफलता मिली. अवैध अफीम खेती के खिलाफ भी व्यापक अभियान चलाया गया. इसके परिणामस्वरूप इस वर्ष जिले में ऐसी गतिविधियों की कोई बड़ी सूचना सामने नहीं आई.
अधिकारियों की कमी बड़ी त्रासदी
एसपी मुकेश कुमार लुणायत के लिए सबसे बड़ी त्रासदी अधिकारियों की कमी रही. करीब एक साल तीन- तीन इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी नक्सल प्रभावित चाईबासा भेज दिए गए. राजीव कुमार का अचानक तबादला कर दिया गया. सीमित संसाधनों और अधिकारियों की कमी के बावजूद मुकेश लुणायत ने जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा. उनके कार्यकाल में लोकसभा और निकाय चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए. राष्ट्रपति का दौरा भी सफलतापूर्वक आयोजित किया गया. उन्होंने जनसंवाद को बढ़ावा देते हुए पुलिस और आम जनता के बीच भरोसा मजबूत करने का काम किया. यही वजह है कि उनका कार्यकाल उपलब्धियों और सख्त कार्यशैली के लिए याद किया जाएगा.
अब नई एसपी निधि द्विवेदी के सामने इस मजबूत व्यवस्था को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी. माना जा रहा है कि वे मुकेश लुणायत द्वारा बनाई गई नींव पर जिले में कानून- व्यवस्था को और बेहतर दिशा देंगी.

