सरायकेला: उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई. बैठक में पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपथी, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला एवं चांडिल, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी जुड़े. बैठक की शुरुआत में जिला खनन पदाधिकारी ने दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में चलाए गए विशेष अभियानों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया.

इस दौरान लौह अयस्क लदा एक ट्रेलर और बालू लदे दो हाईवा जब्त किए गए. शहरबेड़ा नदी घाट से 10 डोंगी नावों को विनष्ट किया गया. अवैध उत्खनन और परिवहन से संबंधित दो प्राथमिकी दर्ज की गईं तथा लगभग 8 हजार घनफीट पत्थर खनिज जब्त किया गया. छह वाहनों से कुल 1 लाख 50 हजार रुपये की दंड राशि वसूल की गई.
बैठक में बताया गया कि विभिन्न जीआर स्थलों पर जब्त लगभग 12 लाख घनफीट अवैध बालू का ई-ऑक्शन कर करीब 2.30 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. चांडिल अनुमंडल के दलमा क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी के दौरान एक अवैध पत्थर खदान, छह अवैध क्रशर इकाइयों और तीन ईंट भट्टों के विरुद्ध कार्रवाई की गई. उपायुक्त ने अवैध खनन, भंडारण और परिवहन पर पूर्ण रोक लगाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सघन और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए.
संवेदनशील क्षेत्रों में चेक नाका स्थापित करने हेतु स्थल चिन्हित कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया. सभी चेक नाकों पर तैनात दंडाधिकारी और पुलिस बल को अवैध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया गया. खनिज परिवहन में लगे वाहनों की वैध दस्तावेज, चालान और परमिट की गहन जांच करने तथा अवैध पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया.
साथ ही यह निर्देश दिया गया कि सभी वाहनों में ढुलाई सामग्री ढकी और सुरक्षित हो, ताकि पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
अवैध रूप से संचालित ईंट भट्टों की जांच कर प्रदूषण नियंत्रण विभाग के समन्वय से उन्हें बंद कराने के निर्देश भी दिए गए.
पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत ने कहा कि अवैध खनन की सूचना मिलने पर संयुक्त टीम गठित कर त्वरित और गोपनीय छापेमारी की जाए तथा जब्त वाहनों और आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर मामलों को शीघ्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए.

