चाईबासा: सोनुआ रेलवे फाटक पर हुए हादसे में जान गंवाने वाली महिला चामनी कुई के परिजनों के लिए मुआवजा और नौकरी की मांग तेज हो गई है. आजसू नेताओं ने रेलवे प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है.


जानकारी के अनुसार, 4 जून 2026 को गोईलकेरा प्रखंड के आराहासा गांव निवासी चामनी कुई अपने बेटे के साथ साइकिल से रेलवे फाटक पार कर रही थीं. इसी दौरान फाटक के बैरियर से सिर में गंभीर चोट लगने के कारण वह घायल हो गई थीं. इलाज के दौरान चाईबासा सदर अस्पताल में उनकी मौत हो गई.

मृतका अपने परिवार की एकमात्र कमाने वाली सदस्य थीं. उनके निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. परिवार में दिव्यांग पति, तीन बेटियां और एक पुत्र हैं, जो उन पर आश्रित थे.
गुरुवार को आजसू पार्टी के केंद्रीय नेता सह मनोहरपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी डॉ. दिनेश चंद्र बोयपाई और युवा नेता अमित महतो आराहासा गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की. उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया.
इसके बाद दोनों नेता मृतका के परिजनों को लेकर सोनुआ थाना पहुंचे और थाना प्रभारी से मामले में कार्रवाई को लेकर चर्चा की. इस दौरान सोनुआ स्टेशन मास्टर और रेलवे फाटक के कर्मी भी मौजूद रहे.

आजसू नेताओं ने आरोप लगाया कि रेलवे फाटक पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण यह दुखद हादसा हुआ. उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन को पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी उपलब्ध करानी चाहिए.
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो क्षेत्र की जनता रेलवे के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होगी. उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे की जिम्मेदारी है और इस मामले में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए. फिलहाल घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और पीड़ित परिवार रेलवे प्रशासन की ओर से सहायता मिलने की उम्मीद लगाए हुए है.
रिपोर्ट: जयंत प्रमाणिक

