जामताड़ा: उपायुक्त आलोक कुमार के निर्देश पर गुरुवार को जिला प्रशासन ने कोयला परिवहन में नियमों के पालन को लेकर सख्ती दिखाई. इसी क्रम में माइनिंग इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार ने दुमका रोड स्थित ईसीएल रेलवे कोयला साइडिंग का औचक निरीक्षण कर कोयला लदे वाहनों की जांच की.



निरीक्षण के दौरान कई ऐसे वाहन पाए गए, जिनमें कोयला तिरपाल से ढका नहीं था. इस पर माइनिंग इंस्पेक्टर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित वाहन चालकों को कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कोयला लदे वाहनों को पूरी तरह तिरपाल से ढककर ही सड़क पर चलाया जाए, ताकि कोयले की धूल वातावरण में न फैले और आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

माइनिंग इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार ने कहा कि खुले वाहनों से उड़ने वाली कोयले की धूल सड़क किनारे रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है और पर्यावरण प्रदूषण को भी बढ़ावा देती है. ऐसे में निर्धारित नियमों का पालन करना सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है.
निरीक्षण के दौरान कई वाहन चालकों को सख्त चेतावनी देकर छोड़ा गया. वहीं ईसीएल चित्रा प्रबंधन को भी निर्देश दिया गया कि बिना तिरपाल ढके किसी भी वाहन से कोयला परिवहन नहीं कराया जाए और सभी सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए.
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर ऐसे वाहनों की कोयला ढुलाई पर रोक लगाने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद कोयला परिवहन से जुड़े लोगों और वाहन चालकों में हड़कंप की स्थिति देखी गई. अधिकारियों ने संकेत दिया कि आगे भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे, ताकि पर्यावरण संरक्षण और जनहित से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





