सरायकेला: समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त- सह- जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को जून 2026 तिमाही की जिला सलाहकार समिति (DCC) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले में बैंकिंग सेवाओं, ऋण प्रवाह, वित्तीय समावेशन तथा विभिन्न सरकारी प्रायोजित योजनाओं के तहत ऋण वितरण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई.


बैठक में जिले के साख-जमा अनुपात (CD Ratio) एवं वार्षिक साख योजना (ACP) 2025-26 के तहत बैंकवार उपलब्धि की समीक्षा की गई. इसके साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) संतृप्तिकरण, स्वयं सहायता समूह (SHG)-बैंक लिंकेज एवं संयुक्त देयता समूह (JLG) के वित्तपोषण की प्रगति पर चर्चा की गई.
सरकारी प्रायोजित योजनाओं के तहत प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME), प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) एवं मुद्रा योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा की गई. साथ ही मत्स्य, पशुपालन, कृषि, सहकारिता एवं उद्योग विभाग से संबंधित बैंक ऋण प्रवाह की भी जानकारी ली गई.
वित्तीय समावेशन के तहत बैंकिंग संवाददाता (BC) प्वाइंट, ATM नेटवर्क तथा CFL एवं FLC के माध्यम से संचालित वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों की स्थिति की समीक्षा की गई.
उपायुक्त ने सभी बैंक प्रबंधकों को विभिन्न सरकारी प्रायोजित योजनाओं के तहत लंबित ऋण आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जाए.
उपायुक्त ने छोटे उद्यमियों, किसानों, छात्रों, पशुपालन एवं अन्य पात्र लाभुकों के साथ-साथ आधारभूत संरचना से संबंधित गतिविधियों के लिए अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया. उन्होंने ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक BC प्वाइंट स्थापित करने तथा ATM सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया.
PMFME के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के चयन में पात्रता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने तथा गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) की वसूली में बैंकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए संबंधित पदाधिकारी को निर्देशित किया गया.
उपायुक्त ने CFL एवं FLC के माध्यम से संचालित वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों को पंचायत स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण एवं वंचित वर्ग के लोगों को बैंकिंग सेवाओं, ऋण योजनाओं एवं वित्तीय प्रबंधन की आवश्यक जानकारी मिल सकेगी.
उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं बैंकों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें. उन्होंने योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया.
बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) संतृप्तिकरण के संबंध में सभी बैंकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत ‘कृषिका ऐप’ के माध्यम से KCC आवेदनों के निष्पादन पर जोर दिया. साथ ही जून 2026 तक SHG एवं JLG वित्तपोषण के निर्धारित वार्षिक लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.
इसके अतिरिक्त सभी बैंकों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत संतृप्तिकरण का कार्य 25 अगस्त 2026 तक पूरा करने तथा अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करने का निर्देश दिया गया.
बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक बरुण कुमार चौधरी, डीडीएम नाबार्ड, JSLPS, भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि, निदेशक RSETI, CFL/FLC के समन्वयक सहित जिले के विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक एवं शाखा प्रबंधक उपस्थित थे.

