सरायकेला: जिले में आपदा प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने की दिशा में जिला प्रशासन ने तेजी दिखाई है. उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निर्देश पर अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई.

बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष, विभिन्न नगर निकायों के मेयर एवं अध्यक्ष, सरायकेला और चांडिल के अनुमंडल पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, समिति के सदस्य तथा संबंधित विभागीय पदाधिकारी शामिल हुए. इस दौरान जिले में प्राकृतिक आपदाओं से जुड़े प्राप्त आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की गई.
समीक्षा के दौरान सड़क दुर्घटना के 12, अतिवृष्टि के 45, अतिवृष्टि से मकान गिरने से मृत्यु का 01, पानी में डूबने से मृत्यु के 02, सर्पदंश से मृत्यु का 01 तथा आंधी-तूफान में पेड़ की डाली गिरने से मृत्यु के 01 मामले सहित कुल 62 मामलों पर विचार किया गया. समिति ने बिंदुवार चर्चा के बाद 62 में से 60 मामलों में अनुग्रह अनुदान राशि स्वीकृत करने का निर्णय लिया. वहीं दो मामलों में आवश्यक दस्तावेजों की कमी पाए जाने पर संबंधित अभिलेख पूर्ण कर पुनः समिति के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया.
अपर उपायुक्त जयबर्धन कुमार ने कहा कि आपदा प्रबंधन के तहत निर्धारित अनुग्रह अनुदान राशि का लाभ मृतकों के आश्रितों एवं प्रभावित परिवारों को समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को लंबित मामलों की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर सत्यापन उपरांत जिला स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी आवेदनों की प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी की जाए. यदि किसी आवेदन में दस्तावेजों की कमी हो तो संबंधित आवेदकों को आवश्यक सहयोग प्रदान कर अभिलेख पूर्ण कराए जाएं, ताकि पात्र परिवारों को अधिकतम एक माह के भीतर सरकारी सहायता का लाभ मिल सके.
बैठक में आपदा प्रबंधन योजनाओं एवं अनुग्रह अनुदान से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि आपदा प्रभावित परिवार समय पर आवेदन कर योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें.
अपर उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा प्रबंधन से जुड़े मामलों की मासिक समीक्षा की जाए और हर हाल में एक माह के भीतर मामलों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. साथ ही पीड़ित परिवारों को दस्तावेज तैयार कराने एवं आवेदन प्रक्रिया में हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया.
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता आपदा पीड़ित परिवारों तक राहत एवं सहायता राशि समय पर पहुंचाना है. इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों को संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करने तथा लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया.
बैठक में पंचायत स्तर तक आपदा प्रबंधन योजनाओं के प्रचार-प्रसार तथा “आपदा के समय क्या करें और क्या न करें” विषय पर ग्रामीण क्षेत्रों और विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया, ताकि आमजन आपदाओं के प्रति जागरूक और सतर्क रह सकें.
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि आपदा से संबंधित मामलों में मृत्यु प्रमाण पत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट अथवा यूडी केस नंबर जारी होने में यदि एक सप्ताह से अधिक विलंब हो, तो संबंधित नागरिक प्रखंड स्तर पर अंचल अधिकारी, अनुमंडल स्तर पर अनुमंडल पदाधिकारी तथा आवश्यकता पड़ने पर जिला स्तर पर उपायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
Report- Pramod Singh



