साहिबगंज: जिला मुख्यालय क्षेत्र में एक पागल कुत्ते के आतंक से लोगों के बीच दहशत का माहौल है. शनिवार को शहर के विभिन्न इलाकों में घूम- घूमकर कुत्ते ने 50 से अधिक लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया. अचानक हुई इस घटना से शहरवासियों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है.

जानकारी के अनुसार स्टेशन रोड, कॉलेज रोड, कुलीपाड़ा, चैती दुर्गा मंदिर क्षेत्र समेत कई मोहल्लों और मुख्य सड़कों पर कुत्ते ने राह चलते लोगों को अपना शिकार बनाया. हमले में बच्चे, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी प्रभावित हुए हैं. घटना के बाद घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां देर शाम तक पीड़ितों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा.
घायलों में कुलीपाड़ा निवासी 35 वर्षीय राजेश हरि, पुरानी साहिबगंज की 11 वर्षीय अनुप्रिया, छोटी सोलबंधा के 10 वर्षीय प्रियांशु कुमार, छोटी कोदर जन्ना निवासी इश्तियाक, डिहारी के 10 वर्षीय शिवम कुमार तथा अंजुमननगर के 30 वर्षीय राजू सहित पांच दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं. अस्पताल में सभी घायलों का उपचार किया गया और आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई.
घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली. लोगों का आरोप है कि शहर में आवारा और हिंसक कुत्तों की बढ़ती समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन इसके समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं. नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था.
स्थानीय लोगों ने नगर प्रशासन से तत्काल विशेष अभियान चलाकर पागल कुत्ते को पकड़ने तथा शहर में आवारा पशुओं पर नियंत्रण करने की मांग की है. वहीं कई लोग स्वयं भी कुत्ते की तलाश में जुटे रहे ताकि आगे किसी अन्य व्यक्ति को उसका शिकार न बनना पड़े.
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि कुत्ते के काटने वाले सभी घायलों के लिए एंटी-रेबीज वैक्सीन और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की गई है. चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि कुत्ते के काटने की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचकर उपचार कराएं और लापरवाही न बरतें.
इस घटना के बाद शहर में दहशत का माहौल है और लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं. नागरिकों का कहना है कि आवारा पशुओं की समस्या पर स्थायी समाधान निकालना समय की आवश्यकता बन गई है.



