
राजनगर: झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ और ग्रामीण विकास विभाग के बीच सहमति बनने के बाद 103 दिनों से जारी मनरेगा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त हो गई है. हड़ताल खत्म होने की घोषणा के बाद शनिवार को राजनगर प्रखंड के मनरेगा कर्मियों और रोजगार सेवकों ने प्रखंड कार्यालय पहुंचकर दोबारा योगदान दिया. इस दौरान कर्मियों में उत्साह का माहौल देखा गया.


जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को रांची स्थित ग्रामीण विकास विभाग में विभागीय सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच विभिन्न मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई. वार्ता के दौरान संघ की कई प्रमुख मांगों पर सकारात्मक सहमति बनने के बाद हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया गया.
राजनगर प्रखंड के मनरेगा कर्मियों ने बताया कि वे पिछले 103 दिनों से अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे. अब विभाग की ओर से सकारात्मक पहल होने के बाद उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार जल्द ही सहमत बिंदुओं को कैबिनेट से मंजूरी देकर स्थायी समाधान सुनिश्चित करेगी.
हड़ताल समाप्त होने के साथ ही लंबे समय से प्रभावित मनरेगा योजनाओं के संचालन में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य दोबारा गति पकड़ेंगे और रोजगार सृजन से जुड़े कार्यों का लाभ हजारों मजदूरों एवं लाभुकों को मिलेगा.
मनरेगा कर्मियों ने कहा कि अब वे पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कार्यों का निर्वहन करेंगे, ताकि लंबित योजनाओं को जल्द पूरा किया जा सके. हड़ताल समाप्त होने से राजनगर सहित पूरे क्षेत्र में विकास कार्यों के फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद बढ़ गई है.
रिपोर्ट: रासबिहारी मंडल


