जामताड़ा: रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए जामताड़ा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर लगाई गई लिफ्ट शनिवार सुबह से खराब पड़ी है. इससे खासकर बुजुर्गों, दिव्यांगों, बीमार यात्रियों और भारी सामान लेकर चलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. हैरानी की बात यह है कि रेलवे प्रशासन की ओर से सुबह से ही लिफ्ट की देखरेख करने वाली अधिकृत एजेंसी को सूचना दी जा रही है, लेकिन टेक्नीशियन की कमी और उनके दूसरे शहरों में कार्यरत होने का हवाला देकर तत्काल मरम्मत से हाथ खड़े कर दिए गए. एजेंसी के प्रतिनिधि ने स्पष्ट कर दिया कि लिफ्ट की मरम्मत अब अगले दिन ही हो पाएगी.


जामताड़ा स्टेशन पर लिफ्ट सेवा की जिम्मेदारी एलटी एलेवेटर लिमिटेड (LT Elevator Limited) के पास है. लिफ्ट खराब होने के बाद स्टेशन प्रबंधक सुरेंद्र कुमार पासवान ने कंपनी के जनरल इलेक्ट्रिक इंचार्ज सुशांत हालदार से संपर्क किया। इस पर उन्होंने पहले जानकारी लेकर बताने की बात कही. इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि प्रशांत दास से भी फोन पर संपर्क किया गया. उन्होंने बताया कि अगले दिन पहले पहर में टेक्नीशियन पहुंचकर लिफ्ट की जांच और मरम्मत करेंगे.
हालांकि, प्रतिनिधि ने यह भी बताया कि दुर्गापुर से जामताड़ा पहुंचने में ही करीब साढ़े पांच घंटे लग जाएंगे और तब तक उनका कार्यदिवस समाप्त हो जाएगा. स्टेशन प्रबंधक की ओर से जल्द से जल्द लिफ्ट दुरुस्त करने का आग्रह किए जाने के बावजूद प्रतिनिधि ने तत्काल मरम्मत की संभावना से इनकार करते हुए अगले दिन आने की बात कही. एजेंसी के अनुसार, टेक्नीशियन दुर्गापुर में कार्यरत हैं और जामताड़ा की लिफ्ट फिलहाल काम नहीं कर रही है. इसे अगले दिन दोपहर तक दुरुस्त किए जाने की संभावना जताई गई है. रेलवे के इलेक्ट्रिकल विभाग के कर्मचारी ने बताया कि लिफ्ट में आंतरिक तकनीकी खराबी है. इसके लिए सुबह से ही अधिकृत एजेंसी से संपर्क किया जा रहा है. इसके बावजूद मरम्मत के लिए टेक्नीशियन की तत्काल उपलब्धता नहीं हो सकी.
स्थानीय बिजली पर निर्भरता भी बनी परेशानी
लिफ्ट की तकनीकी खराबी के साथ इसकी बिजली व्यवस्था भी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनती है. बताया जाता है कि लिफ्ट स्थानीय बिजली आपूर्ति पर निर्भर है. ऐसे में बिजली गुल होने पर भी इसकी सेवा बाधित हो जाती है. इससे लिफ्ट की नियमित उपलब्धता और यात्रियों को मिलने वाली सुविधा पर सवाल उठते हैं.
यात्रियों की सुविधा से बढ़कर एजेंसी की कार्य-सुविधा ?
रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थान पर लिफ्ट केवल एक अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि बुजुर्गों, दिव्यांगों और चलने-फिरने में असमर्थ यात्रियों के लिए बेहद जरूरी साधन है. ऐसे में सुबह से लिफ्ट खराब रहने और सूचना देने के बावजूद तत्काल मरम्मत की व्यवस्था नहीं हो पाना अधिकृत एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है. टेक्नीशियन की उपलब्धता और दूरी का हवाला देकर मरम्मत अगले दिन तक टाल देना यात्रियों की परेशानी को और बढ़ाता है.
अब सवाल यह है कि यात्रियों की सुविधा के लिए लगाई गई लिफ्ट को चालू रखने के लिए क्या एजेंसी के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था है? क्या रेलवे प्रशासन खराबी की सूचना मिलने के बाद मरम्मत की समय-सीमा तय करने और एजेंसी की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएगा ? फिलहाल यात्रियों को लिफ्ट सेवा बहाल होने का इंतजार करना पड़ रहा है.
मनीष बरनवाल

