सरायकेला: गम्हरिया प्रखंड के जगरनाथपुर पंचायत में नाली सफाई के नाम पर सरकारी राशि खर्च किए जाने को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं. पंचायत पोर्टल पर दर्ज विवरण के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में हरि मंदिर से काली मंदिर तक नाली सफाई के लिए 3.78 लाख रुपये की स्वीकृत लागत वाली योजना दर्ज है. शिकायत में दावा किया गया है कि योजना में 3,61,372 रुपये खर्च दिखाए गए हैं, जबकि धरातल पर योजना के तहत काम होने की पुष्टि नहीं हो रही है.


उपायुक्त को दी गई शिकायत में योजना संख्या 57228125 का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि यह योजना 15वें वित्त आयोग की राशि से संबंधित है. शिकायत के अनुसार पोर्टल पर भुगतान की दो प्रविष्टियां 1,90,202 रुपये और 1,71,170 रुपये की हैं, जिनका कुल योग 3,61,372 रुपये होता है.
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिस नाली की सफाई एवं मरम्मत के नाम पर राशि खर्च दिखाई गई है, वहां योजना के तहत वास्तविक कार्य नहीं कराया गया. दावा यह भी है कि संबंधित नाली की सफाई नगर निगम द्वारा कराई जाती है. हालांकि इन आरोपों की अभी प्रशासनिक जांच से पुष्टि नहीं हुई है.
एमबी से बैंक रिकॉर्ड तक की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने उपायुक्त से योजना स्थल का भौतिक सत्यापन कराने के साथ माप पुस्तिका (एमबी), बिल-वाउचर, मस्टर रोल, कार्यादेश, भुगतान आदेश, पीएफएमएस और बैंक रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है. साथ ही यह सत्यापित करने को कहा गया है कि संबंधित नाली की सफाई एवं मरम्मत वास्तव में किस विभाग या संस्था ने कराई और पोर्टल पर दर्ज 3,61,372 रुपये का भुगतान किस कार्य के आधार पर हुआ.
शिकायत में प्रभारी मुखिया रिंटू देवी की वित्तीय शक्तियों एवं वित्तीय संचालन पर जांच पूरी होने तक अंतरिम रोक लगाने पर विचार करने का अनुरोध भी किया गया है. शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि उद्देश्य किसी को पहले से दोषी ठहराना नहीं, बल्कि दस्तावेजों और स्थल के निष्पक्ष सत्यापन के जरिए वास्तविक स्थिति सामने लाना है.
अब प्रशासनिक जांच और भौतिक सत्यापन से ही स्पष्ट हो सकेगा कि पोर्टल पर दर्ज 3.61 लाख रुपये का खर्च वास्तविक कार्य के अनुरूप है या नहीं. आरोप सही पाए जाने की स्थिति में शिकायतकर्ता ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और सरकारी राशि की वसूली की मांग की है.
प्रमोद सिंह (संपादक)

